जब गुप्तकाशी के विपिन राम मंदिर के लिए 10ईट लेकर गए थे

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राम लाला हम आएंगे मंदिर वही बनाएंगे

(मनीष सेमवाल की फेसबुक वॉल से)
बात वर्ष १९९० की है जब भारतीय जनता पार्टी अपने उद्भव पर थी और ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के दो दिग्गज आडवाणी जी और  जोशी जी के नेतृत्व में अयोध्या रथ यात्रा का आयोजन हुआ जो राजनैतिक , सांस्कृतिक और एकजुटता की रैली थी।  तब उत्तराखंड में बीजेपी का प्रभाव न के बराबर  था, ऐसे में ये गर्व है कि तब हमारे बड़े भाई श्री विपिन सेमवाल उनके कुछ साथी बीजेपी और बिहिप का झंडा लिए केदार घाटी से राम मन्दिर आंदोलन में कूदे थे राम मदिर के लिए दो बार केदारघाटी से ५-५ ईटें लेकर गए थे । तब जब केदारघाटी में  राजनैतिक चेतना शून्य थी  उस समय भाई साब चाहे वो राम मन्दिर हो , आरक्षण का आंदोलन हो या उत्तराखंड राज्य निर्माण का आंदोलन, इन सब में प्रमुखता से अपनी भूमिका निभाई थी और भारतीय जनता पार्टी को केदारघाटी तथा उत्तराखंड राज्य में सबल  और शशक्त करने में अपनी भूमिका निभाई । समय के थपेड़ो में पार्टिया हमेशा से कार्यकार्यो को भूल जाती है और नयी पीढ़ी अपने को पुराने नेताओ के त्याग के कारण महान नेता समझती है।  


अटल जी ने  कहा था “पार्टिया आएँगी जाएँगी—-” पर आपके जैसा नेता का भाई होने मुझे हमेशा गर्व है और रहेगा . जय श्री राम 
 चित्र में भाई साब के साथ उमा भारती जी और आज के बद्रीनाथ विधान सभा के विधायक महेंद्र भट्ट जी हैं, ( तब उमा भारती जी भी एक सामान्य धर्म रक्षक थी)  

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