जिस पर रखा था 12लाख का इनाम आज सेना ने कर दिया उसका काम तमाम-देखिए पूरी खबर




मैथ्स टीचर से आतंकी कमांडर बना नायकू बीमार मां से मिलने पुलवामा के गांव आया था
इस मोस्ट वॉन्टेड आतंकी के मारे जाने के बाद पूरे कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट बंद किया गया
 श्रीनगर- जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में बुधवार को सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर रियाज नायकू सहित दो आतंकियों को मार गिराया है। इसे बीते शनिवार हंदवाड़ा हमले में भारतीय जवानों की शहादत का बदला माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कश्मीर में आतंक का पोस्टर ब्याय बने रियाज नायकू के सिर पर 12 लाख रुपए का इनाम रखा था। पुलवामा में जारी एनकाउंटर के बीच श्रीनगर में मोबाइल और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। बता दें कि सुरक्षाबलों को सूचना थी कि एक बड़ा कमांडर इस क्षेत्र में आ सकता है। इसके बाद उन्होंने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। 
हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय और कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद रियाज नाइकू ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर के रूप में कमान संभाली। वानी 8 जुलाई, 2016 को अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। नाइकू के सिर पर सुरक्षा बलों ने 12 लाख रुपये ईनाम रखा था।
हिजबुल में शामिल होने से पहले नाइकू एक स्थानीय स्कूल में गणित पढ़ाता था। 33 साल की उम्र में बंदूक उठाने से पहले वह गुलाबों को पेंट करने के लिए जाना जाता था। जब हिजबुल के एक कमांडर जाकिर मूसा ने संगठन से होकर अंसार गजवात उल हिंद का गठन किया तो नाइकू ने हिजबुल को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई। मूसा ने 2017 में हिजबुल से अलग होकर अपना खुद का समूह बनाया जो अल-कायदा का भारतीय सहयोगी होने का दावा करता था। 23 मई, 2019 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में त्राल तहसील के डडसरा इलाके में मूसा मारा गया। उसके बाद मूसा के संगठन के सभी आतंकी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया।

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