लॉक डाउन में में फंसे भातीय नागरिक होंगे अपने देश में आज से शुरू हो गया वंदे भारत मिशन-जाने इस अभियान के बारे में




फाइल फोटो नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री भारत

दिल्ली। विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए आज शुरू हो रहे ‘वंदे भारत मिशन’ के पहले दिन 10 उड़ानों में करीब 2,300 यात्रियों की वतन वापसी होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 07 मई को सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया सात और उसकी सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस तीन उड़ानों का परिचालन करेगी। इनमें लगभग 2,300 लोगों को लाए जाने की योजना है। बोर्डिंग से पहले हर यात्री की स्क्रीनिंग की जाएगी और जिनमें कोविड-19 के लक्षण होंगे उन्हें टिकट होने के बावजूद विमान में सवार होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं अभी तक के सबसे बड़े अभियान के सिलसिले में तैयारियों को दुरूस्त करने के लिए विदश मंत्रालय में बुधवार को कई बैठकें हुईं। साथ ही हवाई अड्डों को भी इसके लिए तैयार किया गया क्योंकि आज अबू धाबी से एयर इंडिया की एक उड़ान भारत भी आ रही है। सूत्रों ने बताया कि विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने ‘वंदे भारत मिशन’ नामक इस अभियान में उपयुक्त समन्वय सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत कई राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की। सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर इस मिशन के क्रियान्वयन पर खुद ही नजर रख रहे हैं और उन्होंने इस विषय पर कई बैठकें की जिनमें गृह मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय एवं राज्यों के प्रतिनिधि शामिल थे। विदेश मंत्रालय ने इस काम के सिलसिले में अधिकतर राज्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। इस बीच देश में हवाई अड्डों पर कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों के आगमन के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। विमान और समुद्री मार्ग से चलने वाले इस अभियान की शुरुआत आज अबू धाबी से कोच्चि के लिए एयर इंडिया की उड़ान के रवाना होने के साथ होगी। एयर इंडिया की गैर अधिसूचित वाणिज्यिक उड़ान आज 200 यात्रियों को लेकर अबूधाबी से रवाना होगी और सुबह पौने दस बजे केरल के कोच्चि अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचेगी। इस अभियान के मद्देनजर तिरुवनंतपुरम, दिल्ली और मुम्बई समेत कई हवाई अड्डों पर साजो-सामान संबंधी प्रबंध और स्वास्थ्य नियमों के अनुपालन संबंधी इंतजाम कर लिए गए हैं।

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