पाँच किलो आटे के पैकेट ने मचाई चौबट्टाखाल में दहशत-देखें पूरा मामला

पाँच किलो आटे के पैकेट और कुछ मास्क बांट चौबट्टाखाल विधान सभा क्षेत्र के गरीबों को दहशत में डाल आया सतपाल महाराज का परिवार 

चौबट्टाखाल में बांटा राशन



पौड़ी गढ़वाल की चौबट्टाखाल विधान सभा आज के समय में सबसे ज्यादा चर्चाओं में है। इस कोरोना काल में जब हर कोई गरीब और असहाय लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ा रहा है। इन लोगों के लिए के घरों में चूल्हा जलता रहे कोई व्यक्ति भूखा न सोए। इसके लिए तमाम सामाजिक संगठन हाथ बढ़ा रहे है। 
इस सब के बीच कोरोना काल में चौबट्टाखाल विधान सभा के गरीब और असहाय लोगों में दहशत व्याप्त है,और इन्हें इस दहशत में डालने वाला और कोई नहीं बल्कि इनके जनप्रतिनिधी ही है। जिन्होंने इन गरीब और निर्धन परिवारों को मौत के मुहाने धकेल दिया है। 
दरअसल चौबट्टाखाल विधान सभा से विधायक सतपाल महाराज और उनकी पत्नी व पूर्व मंत्री अमृता रावत कोरोनावायरस होने के बाद एम्स में भर्ती है। जिसके बाद 42 लोगों के सैंपल लिए गए, जिसमें से 17 लोगों में संक्रमण का पता चला है।
जिसके बाद  मंत्री के घर पर प्रशासन ने 20 मई से तीन जून तक होम क्वारंटीन का नोटिस चस्पा किया था। लेकिन खुद महाराज के बेटे सुयश ने नियम को ताक पर रख दिया। वह तीन दिन न केवल विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में रहे, बल्कि कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली। 
वह क्षेत्र में लोगों से मिले उन्हें पुष्पगुच्छ प्रदान किए। साथ कई परिवारों को खाद्य सामग्री भी दी। जिसके बाद क्षेत्र की जनता पर संकट के बादल मंडरा रहे है। लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जिसके बाद चौबट्टाखाल विधान सभा क्षेत्र की जनता में रोष है। 
चौबट्टाखाल विधान सभा क्षेत्र के जिन- जिन क्षेत्रों में सतपाल महाराज और उनका परिवार लॉकडाउन के दौरान गया। उन क्षेत्रों के ग्रामीणों का कहना हैं कि  
सतपाल महाराज और अमृता रावत हमारे क्षेत्र में अपने बेटे और बहू के साथ लॉकडाउन हमारे दु:ख दर्द जानने नहीं आए थे। बल्कि वह तो छुट्टीयां मनाने आए थे । कुछ मास्क और 5 किलो के 10 पेकैट बाट कर सतपाल महाराज का परिवार हमें कोरोना का दान कर चला गया। 
क्षेत्र की जनता का कहना हैं कि हम गरीब हैं। आज सतपाल महाराज के परिवार के कई सदस्य कोरोना पॉजिटिव है। सरकार उनका हर तरह से ख्याल रख रही है। लेकिन हमारे क्षेत्र में जो गाँव जो लोग उनके संपर्क में आए। उनकी अभी तक जाँच नहीं की गई है। हमें यहां मरने के लिए छोड़ दिया गया है। शासन प्रशासन से हमारी अपील है कि जो भी ग्रामीण सतपाल महाराज के परिवार के संपर्क में आए है। उन ग्रामीणों का जल्द से जल्द कोरोना टेस्ट किया जाए।  दरअसल, महाराज हाल में अपने विस क्षेत्र चौबट्टाखाल गए थे और वहां समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भी मिले। साथ ही महाराज भी कई कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे थे। उधर, जिला प्रशासन महाराज और उनके परिवार के संपर्क में आए लोगों की खंगालने में जुट गया है।
सतपाल महाराज कुछ दिन पहले ही अपनी विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण पर थे और उनकी पत्नी तथा पुत्र भी उनके साथ थे यहां पर राहत वितरण कार्यक्रम था ऐसे में अब राहत वितरण कार्यक्रम में शामिल जनता पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

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