يوليو 2020
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ब्रेकिंग देहरादून



स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन

उत्तराखंड में कोरोना मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 7183

वहीं उत्तराखंड में4168लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुय

आज उत्तराखंड में कोरोना के 118मामले सामने आये

देहरादून 55अल्मोड़ा3
हरिद्वार 6 पौड़ी 4 टिहरी5
नैनीताल 34उधम सिंह नगर5
उत्तकासी1 रुद्रप्रयाग3
 चमोली 1बागेश्वर 1

अभी भी उत्तराखंड में 2897केस 
 एक्टिव

उत्तराखंड में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 80

उत्तराखंड की बेटी प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री लेखिका निर्माता उर्मि नेगी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई-जानिए उर्मि नेगी  की नई फिल्म  जीवन  के  संघर्ष की कामयाबी के बारे में पूरा वीडियो


उत्तराखण्ड के पौड़ी। गढ़वाल ज़िले के पौड़ी गाँव की मूल निवासी व उत्तराखण्डी फिल्मों की सुप्रसिद्ध निर्माता,निर्देशिका व अभिनेत्री मैडम उर्मि नेगी जी ने घर-जवैं, कौथिग, फ्योंली,सुबेरौ घाम जैसी गढ़वाली फिल्मों बॉलीवुड की अनेक फिल्मों में भी देवआनंद,राजेश खन्ना, मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ, दलीप ताहिल,शक्ति कपूर,विजय अरोड़ा, वीरेंद्र सक्सेना सहित अनेक दिग्गज़ कलाकारों के साथ अभिनय किया है। उन्होंने अपने अथक परिश्रम से मराठी, मैथिली व भोजपुरी फिल्मों में भी सम्मानजनक स्थान बनाया था। 
    (देखें वीडियो में उर्मि नेगी जी के साथ दीपक कैन्तुरा की खास बातचीत)

उनके  प्रति समर्पित रहीं उर्मि नेगी ने फ्योंली व सुबेरौ घाम जैसी सुपरहिट गढ़वाली फिल्मों के साथ-साथ दूरदर्शन के लिए भी गढ़वाली धारावाहिक का भी निर्माण किया है। 2014 में प्रदर्शित उनके द्वारा निर्मित सामाजिक फ़िल्म "सुबेरौ घाम"ने तो देश-विदेशों में अपार सफलता के झण्डे गाढ़े थे। उसे कनाडा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में प्रदर्शित करके महत्वपूर्ण सम्मान प्रदान किया गया था। उर्मि नेगी ने देश-विदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारे उत्तराखण्ड की संस्कृति व अलौकिक सौंदर्य को अपनी फ़िल्मों के माध्यम से सम्मानजनक स्थान दिला कर हमें गौरवान्वित किया है। 
उनकी आगामी व महत्वाकांक्षी फ़िल्म सुबेरौ घाम,पार्ट-2, (बथौं) की शूटिंग आगामी अक्टूबर माह में उत्तराखण्ड की ख़ूबसूरत वादियों में होनी है। जिसके लिए उन्हें उत्तराखण्ड सरकार का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। हम उन्हें "बथौं" के निर्माण के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें उनके जन्मदिन की हार्दिक बधाई भी देते हैं। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के फ़िल्मी इतिहास की सबसे लोकप्रिय व चर्चित फिल्म *सुबेरौ-घाम* को उनके यू-ट्यूब चैंनल पर प्रदर्शित करने के लिए हम मैडम उर्मि नेगी जी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। हमें पूर्ण आशा है कि "सुबेरौ घाम" की तरह उनकी आगामी फ़िल्म " *बथौं* " भी लोकप्रियता व सफलता का कीर्तिमान स्थापित करेगी। रैबार पहाड़ की टीम की तरफ से उर्मि नेगी जी को जन्मदिन व नई फिल्म की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई

अरे बिष्ट जी, आपका घेस तो रही गया 



मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सेवानिवृत्त हो रहे हैं  तो  उनको मिलने वरिष्ठ पत्रकार अर्जून सिंह बिष्ट उनको मिलने गए तो उनके मुंह से अचानक निकला की अरे बिष्ट जी आपका घेस तो रही गया की बार वह घेस जाने की इच्छा व्यक्त कर चूके थे।
मुख्य सचिव के प्रतिष्ठित पद से उत्पल कुमार सिंह आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 
पिछले कई वर्षों से उनसे मिलने का सौभाग्य मिलता रहा है, इसलिए आज तो मिलना ही था। उनका स्टाफ व्यस्तता बता कर मिलवाने से बच रहा था तो थोड़ा सा लहजे में सख्ती भी लानी पड़ी। मुझे कहना पड़ा कार्ड देकर आओ, मिलना है या नहीं चीफ सेक्रेटरी साहब तय करेंगे, आप नहीं। तब जाकर चपरासी मेरा विजिटिंग कार्ड भीतर दे आया। करीब पांच सात मिनट बाद जैसे ही भीतर बैठे अफसर बाहर निकले तो हमारा बुलावा भी आ गया। 
अंदर पहुंच कर सामान्य अभिवादन के साथ उन्होंने कहा अरे, बिष्ट जी आपका घेस तो रही गया। कितनी बार जाने की सोची मगर.... चलो अब देखते हैं। खूब सारी बातें भी हुई। बहुत अपनेपन में उन्होंने काफी कुछ शेयर भी किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे देहरादून में ही रहने जा रहे हैं। इसलिए उनका स्नेह व मार्गदर्शन मिलता रहेगा। उनकी सरलता की बानगी देखिए। मैंने कहा, सर एक फोटो ले लूं, तो बोले। अरे आइए न। बहुत सहजता के साथ उन्होंने फोटो खींची। 
उत्पल कुमार सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा के उन चुनिंदा अफसरों में से हैं जिन्होंने कोयले की खान के भीतर से भी खुद को बेदाग निकालने में कामयाबी पायी। शायद यही कारण है कि शासन, प्रशासन ही नहीं आम जनता व राजनीतिज्ञों के मन में भी उनके लिए बहुत सम्मान है। 
प्रशासनिक सेवा में आने के बाद भी उन्होंने ट्रैकिंग के अपने शौक के लिए समय समय पर समय निकाला। उन्होंने खुद मुझे बताया था कि वे करीब 35 साल पहले रूपकुंड की ट्रैकिंग करके आये थे। रूट की चर्चा करते हुए उन्होंने घेस की भौगोलिक स्थिति को समझा था। वो बहुत उत्साहित भी थे कि घेस और बगजी बुग्याल जाना है। मेरी भी हार्दिक इच्छा थी कि वे मुख्य सचिव रहते हुए घेस आयें। यह तो नहीं हो सका, लेकिन वे आएंगे ऐसा उन्होंने आज सेवानिवृत्ति से ठीक पहले मुझसे वादा किया। वे स्वस्थ और दीर्घायु रहें यही कामना है। 
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नीचे की पंक्तियां पत्रकार साथी शीशपाल गुसाईं की पोस्ट से ली हैं। ताकि उत्पल जी के बारे में कुछ और जानकारी शेयर कर सकूं। --

उनके खाते हैं चोटियां चढ़ने का इतिहास है। 
गंगोत्री - कालन्दी- बद्रीनाथ ट्रैक 110 किलोमीटर विश्व का उच्च तम ट्रैक है। इसमें 80 किलोमीटर में बर्फ रहती है। यहाँ से कम लोग 
लौटते हैं, लेकिन वे मिशन पूरा कर लौटे।

उन्होंने विश्व का उच्चतम हिमालयी ट्रैक 110 किलोमीटर दूरी तय की है ।  उत्पल कुमार सिंह के इतिहास पर थोड़ा सा ध्यान गया तो पाया कि, वे बड़े वाले ट्रैकर हैं।वे जब पहाड़ चढ़ते हैं तो अपने से 20 वर्ष से कम उम्र के अफसरों को पीछे छोड़ देते हैं। 

गंगोत्री - कालन्दी- बद्रीनाथ ट्रैक 110 किलोमीटर विश्व का उच्च तम ट्रैक है। इसमें 80 किलोमीटर में बर्फ रहती है। इसलिए यह जोखिम भरा है। उत्पल कुमार सिंह ने 2003 में गंगोत्री से चढ़ कर 
 करीब 15 दिन में इतिहास बनाया है। जो सीनियर आईएएस के लिए बहुत बड़ी बात है। इसे कालन्दी ट्रैक कहते हैं और यह ऊपर ही ऊपर उत्तरकाशी- टिहरी - रुद्रप्रयाग से चमोली जिले के माना में निकलता है। इस ट्रैक पर 2008 में 8  ट्रैकरों की मौत की बड़ी घटना हुई थी। यानी यह एवरेस्ट जैसे ही जोखिम भरा होगा। कालन्दी की ऊंचाई 6000 मीटर के करीब है। गंगोत्री से इसकी शुरुआत होती है। 

29 अप्रैल 2018 को उत्पल जी पहले मुख्यसचिव बने जिन्होंने तीसरी बार तपोवन तक की चढ़ाई की। और वहाँ अमर गंगा में 15 मिंट का ध्यान किया। और वापस गंगोत्री लौट आये। 29 को वह भोज वासा में रुके थे। 30 की सुबह को वह भोजवासा से गौमुख वहाँ से 5 किलोमीटर आगे तपोवन गए थे। इससे पहले वे 1996 में 
2002 में तपोवन गए थे। तपोवन मतलब तप का स्थान


शीर्षक- टाँपर मेरा पाड़ मा


दीपक कैन्तुरा की कविता शिक्षा का पलायन पर
पढै लिखै का खातिर जू बस्या छन देहरादून की आड़ मा ।
हम उंदा उंद रेगीन टाँपर निकलणा पाड़ मा
डोखरी फुगड़ी छोडिक जांया देहरादून की आड मा
खोलिया रेगी मेंगा सी मेंगा स्कूल टाँपर निकलणा पाड़ मा




तीन- तीन जागा टयूशन लगायों फिर भी ना होणा पास
गोंउमा स्या नोनी टाँपर निकली जू करदी घर कू काम धाम काटदी घास
लाखों रुपया खर्च करिक भी सेरु मा नी होणा पास
पहाड़ की बेटा बेटियोंन  रचि इतिहास




जब टाँपर बणी पाड़ की बेटी उंदू वाला आँखा कंदूण खुलीगीन
न पास ह्वै अर अपणी बोली भाषा सब कुछ भुलिगिन
पढै लिखै का नोंउ पर बानी- बानी का स्कूल खुलगिन
नोन्यालों का भविष्य का चक्कर मा गौं मुल्क भुलीगिन



धन्य हो पाड़ की बेटी जैन पहाड़ मा रैक इतिहास रचाई
जू पाड़ छोडिक प्रदेशों मा पडया च तोंकी भई निंद चचलाई
आज तेरी सफलता देखिक तोंते भी मातृ भूमि की याद आई


पाड़ मा रैक तें पाड़ जनि छलांग लगाई
देहरादूण दिल्ली वालों ते भी होणु च अफसोस
पहाड़ मा टाँपर देहरादूण मा पित्र दोष
लाखों रुपया फीस देकी भी पेण लेखण मा जीरो च
बाईक कार मा घुमणा बणिया हिरो च


एम्स ऋषिकेश में 7 लोग निकले कोरोना पॉजिटिव 2 लोगों की हुई मौत



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स संस्थान में विभिन्न गंभीर बीमारियों से ग्रसित देहरादून निवासी कोविड पॉजिटिव 2 मरीज की मौत हो गई। इसके अलावा संस्थान में 7 लोगों की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव पाई गई है। संस्थान की ओर से इस बाबत स्टेट सर्विलांस ऑ​फिसर को सूचित कर दिया गया है। 
एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल जी ने बताया कि विकास कॉलोनी जगदीशपुर उत्तराखंड निवासी एक 42 वर्षीय व्यक्ति को बीती 26 जुलाई को एम्स ऋषिकेश की इमरजेंसी में भर्ती किया गया था, जो कि पिछले पिछले 3 दिनों से सांस लेने में तकलीफ, बुखार व हाईपरटेंशन आदि गंभीर बीमारियों से ग्रसित था। संस्थान के आइसोलेशन में भर्ती इस पेशेंट का 26 जुलाई को लिया गया पहला को​विड सेंपल नेगेटिव आया था। जबकि 29 जुलाई को पेशेंट का दूसरा सेंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट 30 जुलाई को कोविड पॉजिटिव पाया गया। मरीज को बृहस्पतिवार की रात कोविड आईसीयू में शिफ्ट किया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला बिजनौर का है। नगीना बिजनौर,यूपी की निवासी  24 वर्षीया महिला जो कि 21 जुलाई को एम्स में भर्ती हुई थी, पेसेंट को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ व किडनी संबंधी दिक्कत थी, महिला की टेस्ट रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई थी, जिसे कोविड आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था। महिला की बीते बृहस्पतिवार की रात उपचार के दौरान मौत हो गई।                                                                                                                                                        उन्होंने बताया कि इसके अलावा संस्थान में लिए गए कोविड सेंपल में 7 अन्य लोगों की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव पाई गई। नरेंद्रनगर, टिहरी गढ़वाल निवासी 72 वर्षीया महिला जो कि बीते बुधवार को 29 जुलाई को एम्स इमरजेंसी में आई थी, पेशेंट को हाईपरटेंशन के अलावा पिछले 3 महीने से आंतरिक बुखार व बीते तीन दिनों से खांसी की शिकायत थी। मरीज का सेंपल कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर उसे कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया।                                                                                                                                                                                                                                           भारतमाता पुरम, हरिद्वार निवासी 45 वर्षीय पुरुष जो कि 30 जुलाई को एम्स ऋषिकेश में एंजियोग्राफी के लिए आया था, जहां इसका कोविड सेंपल लिया गया, जो कि एसिम्टमेटिक जिसमें रोग के लक्षणों का पता नहीं चल पाता है, उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। टिहरी गढ़वाल निवासी एक 34 वर्षीय पुरुष जो कि 30 जुलाई को एम्स ओपीडी में आया था,जिसकी  कोविड सेंपल रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है, मरीज एसिम्टमेटिक है। उसे सीसीसी सेंटर में भर्ती होने को कहा गया है। बलिया, उत्तरप्रदेश निवासी एक 28 वर्षीया महिला व उसकी 7 वर्षीया पुत्री जो कि बीते बृहस्पतिवार को बुखार, खांसी की शिकायत के साथ एम्स इमरजेंसी में आई थी, जिसका कोविड सेंपल पॉजिटिव पाया गया है। गौरतलब है ​कि उक्त महिला के पति व ससुर की रिपोर्ट पूर्व में कोविड पॉजिटिव आ चुकी है। महिला व उसकी पुत्री का अन्य संक्रमित परिजनों से प्राइमरी कांटेक्ट रहा है। अंतिम मामला रेलवे कॉलोनी हरिद्वार का है। हरिद्वार निवासी 19 वर्षीय युवक जो ​कि 24 जुलाई को बुखार, खांसी की शिकायत के साथ एम्स इमरजेंसी में आया था। उक्त युवक का हरिद्वार में कराया गया रेपिड एंटीजन कोविड टेस्ट पॉजिटिव रहा था, पेशेंट को कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया है, एम्स में 30 जुलाई को उनकी कोविड सेंपल रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। उन्होंने बताया कि सभी कोविड पॉजिटिव मामलों के बाबत स्टेट सर्विलांस ऑफिसर को अवगत करा दिया गया है।


बाल-बाल बचे  धारचूला विधायक हरीश धामी-कैसा आया बाढ़ का सैलाब -देखें वीडियो में



 बंगापानी तहसील केमोरी गांव में आपदा पीड़ितों की समस्याएं सुनकर लौट रहे धारचूला के विधायक हरीश धामी चिमड़ियागाड़ में अचानक आए मलबे के साथ बह गए। साथ में चल रहे कार्यकर्ताओं ने बमुश्किल उन्हें बचाया। उनके मुंह, नाक और कानों में भी मलबा घुस गया था। नाले में बहने के दौरान बोल्डरों की चपेट में आने से विधायक को चोटें भी आई हैं। इस घटना के बाद उनके साथ चल रहे कार्यकर्ता भी बेहद घबराए नजर आए।

देखें वीडियो में
 (हरीश धामी और बाढ़ का सैलाब)
चामी पहुंचने पर घायल विधायक धामी का सेना के चिकित्सकों ने उपचार किया। विधायक धामी 19 जुलाई की रात को टांगा गांव में आई आपदा के बाद से लगातार प्रभावित क्षेत्रों में बने हुए हैं। इधर बृहस्पतिवार को ही आपदा प्रभावित गांवों में जा रहे कांग्रेस के प्रदेश सचिव प्रदीप पाल, तनुज पाल, जीत सिंह खत्री, त्रिलोक बिष्ट सहित अन्य कार्यकर्ताओं के ऊपर मलबा गिरने लगा। इन कार्यकर्ताओं ने भागकर जान बचाई। भागने के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथ और पैरों में चोटें आई हैं।
(साभार अमर उजाला)

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन



उत्तराखंड में कोरोना मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 7065

वहीं उत्तराखंड में3996लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुय

आज उत्तराखंड में कोरोना के 199मामले सामने आये

देहरादून 74अल्मोड़ा1हरिद्वार 47 पिथौरागढ़ 9 पौड़ी 4
नैनीताल 26उधम सिंह नगर7
चंपावत17उत्तकासी3 रुद्रप्रयाग3
चमोली 6 बागेश्वर 2

अभी भी उत्तराखंड में 2955केस
एक्टिव

उत्तराखंड में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 76

देहरादून

उत्तराखंड शासन ने 8 आईएएस और 5 PCS अधिकारियों के किये तबादले।
आईएएस नीरज खैरवाल को अपर सचिव मुख्यमंत्री, ऊर्जा MD



आईएएस रंजना डीएम ऊधमसिंह नगर।
आईएएस विनीत कुमार को डीएम बागेश्वर।
आईएएस सोनिका से अपर सचिव नागरिक उड्डयन एवं कार्यकारी अधिकारी UCADA  हटाकर आईएएस  आशीष चौहान को दिया गया।

आईएएस मयूर दीक्षित को डीएम उत्तरकाशी बनाया गया।

 आईएएस नरेंद्र सिंह भंडारी को सीडीओ नैनीताल।

आईएएस हिमांशु खुराना को सीडीओ ऊधमसिंह नगर।

PCS

पीसीएस आशीष भटगई सीडीओ पौड़ी।

नरेंद्र चंद्र दुर्गापाल को डिप्टी कलेक्टर ऊधमसिंह नगर।
कुसुम चौहान को सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून की जिम्मेदारी।
सुंदर लाल सेमवाल को सचिव टिहरी प्राधिकरण।

अभय प्रताप को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़।

उत्तराखंड को मिला नया मुख्य सचिव -देखें पूरी खबर



। उत्तराखंड को नया मुख्य सचिव मिल गया है। वर्तमान मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह 31 जुलाई यानी शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 


 1987 बैच के IAS अधिकारी और वर्तमान में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश को सरकार ने प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है।


एचएनबी विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग द्वारा आयोजित फैकेल्टी कार्यक्रम में देश विदेश के भूगोल विशेषज्ञों ने लिया भाग-क्या खास रहा कार्यक्रम में देखें पूरी खबर


हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम ओपन सोर्स क्यू  जी आई एस  के सोलहवें  सत्र की अध्यक्षता प्रो.वी.पी. सती विभागाध्यक्ष भूगोल मिजोरम विश्वविद्यालय आईजोल एवं को-चेयरमैन के रूप में गढ़वाल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग श्रीनगर  परिसर में शिक्षक के रूप में कार्यरत डॉ राजेश भट्ट ने की. इस अवसर पर प्रो.सती  ने कहा  रिमोट सेंसिंग जीआईएस तथा क्यू-जीआई एस का भूगोल मैं किस तरह से इसका उपयोग किया जा रहा है, इस पर अपने विचार रखें. गुणवत्ता व शुद्धता  के लिए इन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाना बहुत आवश्यक है. कार्यक्रम के को-चेयरमैन डॉ.राजेश भट्ट ने कहां एक अच्छे भूगोल बेता  को अच्छा मानचित्र कार,  विषय का ज्ञान व  सॉफ्टवेयर में कमांड होना आवश्यक है. इस सत्र के विषय विशेषज्ञ के रूप में राजेश कुमार अभय जो दिल्ली विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं ने मोबाइल फोटो एवं जीपीएस आंकड़ों को किस प्रकार से मानचित्र में जोड़ा जाता है पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया तथा प्रयोगात्मक कार्य भी संपन्न करवाएं.सत्रहवें सत्र के चेयरमैन मनोज कुमार पटारिया जो साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार में उच्च अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं ने अपने संबोधन में कहां आने वाला  समय जीआईएस का है भूगोल सहित अन्य विभिन्न प्लेटफार्म पर इसे उपयोग किया जाना इसकी महत्ता को सिद्ध करता है. इस सत्र के को-चेयरमैन के रूप में गढ़वाल विश्वविद्यालय में भौतिकी विज्ञान विभाग में फैकल्टी के रूप में कार्यरत डॉ मनीष उनियाल ने कहा ज्योग्राफी, जिओ- फिजिक्स मैं नए नए सॉफ्टवेयर से अध्ययन में सुविधा तो हो ही रही है शुद्धता भी आ रही है कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में इस सत्र में प्रमुख भूवैज्ञानिक डॉ जे बी. घिल्डियाल ने तथा जीआईएस,  बिल्डिंग इनफॉरमेशन मॉडलिंग, ट्रांसफॉर्मिंग एंड प्रोजेक्ट लाइफसाईकिल पर महत्वपूर्ण प्रस्तुतिकरण दिया.
अठारहवेंरवें सत्र  की अध्यक्षता प्रमुख पुरातत्व वेता एवं स्कूल ऑफ सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज के पूर्व डीन प्रोफेसर विनोद नौटियाल एवं को-चेयरमैन के रूप में प्रख्यात मेडिकल सर्जन जिन्होंने हाल में स्प्रिचवल  हेल्थ पर प्रमुख पुस्तक लिखी है डॉ महेश भट्ट ने की  तथा इस सत्र में   विषय विशेषज्ञ के रूप में मोनिका कनान रही.  प्रो0 विनोद नौटियाल ने अपने संबोधन में कहा जीआईएस का उपयोग भूगोल ही नहीं आर्कोलॉजी के क्षेत्र में भी प्रमुखता से किया जा रहा है पुराने  लैंडस्केप, सेटलमेंट, का अध्ययन इससे काफी आसान हो जाता है. इसके उपयोग ने पुरातत्व क्षेत्र के अध्ययन को एक नया ही आयाम दे दिया है. इस अवसर पर डॉ महेश भट्ट ने जीआईएस का हेल्थ सिस्टम मैं किस प्रकार से उपयोग किया जा रहा है. मेडिकल क्षेत्र में आपदा का आकलन कर उसके प्रबंधन की योजना में यह काफी सहायक है. डॉ मोनिका कनान ने राजस्थान के  मानचित्र में कोरोप्लेथ, जिओरिपेरेनसिग, स्केल फोटोग्राफ को मानचित्र में कैसे सेट किया जाता है उसकी डिजाइनिंग के बारे में विस्तार से बताया. इस कार्यक्रम के मुख्य मास्टर ट्रेनर के रूप में डॉ दलजीत जो दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं ने डिजिटल इमेज क्यू- जीआईएफ से मैपिंग करना बताया.अठारहवें सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर आई.वी. मुरलीकृष्णन ने की जो डीआरडीओ सहित देश की विभिन्न संस्थाओं के महत्वपूर्ण अधिकारी रहे हैं ने अपने संबोधन में कहा समाज में बढ़ती हुई चुनौतियों का सामनाकरने में  जीआईएस की महत्वपूर्ण भूमिका है विकास के अनेक पहलू में  इसके उपयोग पर्याप्त संभावनाएं हैं को- चेयरमैन के रूप में हे न ब गढ़वाल  विश्वविद्यालय पौड़ी परिसर में विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान प्रोफेसर प्रभाकर बडोनी ने आपदा प्रबंधन के साथ ही आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में खतरों के प्रबंधन में इसका महत्वपूर्ण योगदान है इस सत्र के विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉक्टर सुदर्शन कांडले  ने प्रस्तुतीकरण में जी आई एस डेटा का उपयोग करना बताया डी  इ  एम तथा विभिन्न मॉडलों के माध्यम से उनमे होने वाले बदलाव को समझाया. अगले सत्र की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के प्रो बैद्य  व को चेयरमैन शहीद भगत सिंह कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग में एसोसिएट प्रो  एस.के बंदूनी थे. इस सत्र  में  अवसर पर प्रतिभागियों से अबतक के कार्यक्रम  के संबंध में  फीडबैक लिया गया जिसमें सभी प्रतिभागियों ने इस सात दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को उत्कृष्ट,अनुशासित कार्यक्रम बताया. प्रोफेसर वैद्य ने कहां प्रतिभागियों के फीड  बेक से स्पष्ट होता है कार्यक्रम बहुत उच्च स्तर का रहा निश्चित रूप से जीआईएस जीपीएस को  प्रतिभागियों ने अच्छी तरह से सीखा होगाडॉ बंदूनि ने जी आई एस की उपयोगिता को समझाया. समापन समारोह से पूर्व के सत्र मे प्रमुख भूगोलवेता  उदयपुर विश्वविद्यालय में पूर्व में डीन एवं विभागाध्यक्ष भूगोल  प्रो.पी.आर व्यास ने अपना प्रस्तुतीकरण दिया.कार्यक्रम के  चेयरमैन प्रमुख भूगोलबेता विभागाध्यक्ष भूगोल इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रोफेसर यार सिद्धकी तथा को -चेयरमैन दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉक्टर वी डब्लू पांडे थे. प्रोफेसर सिद्दीकी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की बहुत सराहना की. ओपन सोर्स क्यू  जी आई एस महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर हैं.

डिफेंस प्रोडक्शन पॉलिसी के तहत डिफेंस से सम्बन्धित उपकरणों के उत्पादन की  संभावना पर सीएम रावत व औद्योगिक सलाहकार डॉ पंवार ने ली एक जरुरी बैठक


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में डिफेंस प्रोडक्शन पॉलिसी के तहत डिफेंस से सम्बन्धित उपकरणों के उत्पादन की संभावनायें तलासे जाने के निर्देश सम्बन्धित आधिकारियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने डिफेंस से सम्बन्धित उपकरणों के प्रोडक्शन हेतु इस क्षेत्र की फर्मों को प्रदेश में अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही डिफेन्स प्रोडक्शन पार्क की स्थापना के सम्बंध में भी कार्य योजना बनाये जाने की बात कही। 
मुख्यमंत्री ने बुधवार को सचिवालय में इस सम्बंध में औद्योगिक सलाहकार  डॉ के एस पंवार अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव वित्त श्री अमित नेगी एवं एम.डी सिडकुल श्री एस.ए मुरूगेशन के साथ विचार विमर्श किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड डिफेंस मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में डिफेंस सहित पब्लिक सेक्टर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजनेस डेवलपमेंट से सम्बन्धित कार्य करने वाली फर्म केवीआर सॉल्यूसन के कर्नल एस कौशल द्वारा प्रदेश में इसकी सम्भावनाओं पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों से राज्य हित में इस सम्बंध में प्रभावी कार्यवाही के भी निर्देश दिये हैं।




जिम खुलेंगे लेकिन स्कूल, मेट्रो, सिनेमाघरों पर पाबंदी जारी


नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-3 के लिए गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं। 5 अगस्त से जिम भी खोले जा सकेंगे। हालांकि, 31 अगस्त तक स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। मेट्रो, सिनेमाघर, स्विमिंग पुल भी अभी नहीं खुलेंगे। स्वतंत्रतता दिवस समारोह को सोशल डिस्टेंसिंग और दूसरे हेल्थ प्रोटोकॉल्स (जैसे मास्क पहनना) के साथ इजाजत दी गई है। कंटेनमेंट जोन्स में 31 अगस्त तक लॉकडाउन जारी रहेगा। इन जोन्स में सिर्फ जरूरी गतिविधियों को इजाजत रहेगी। गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के हिसाब से कंटेनमेंट जोन्स का फैसला डिस्ट्रिक्ट अथॉरिटीज करेंगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक 3 की गाइडलाइंस जारी कर दी हैं. इस गाइडलाइंस के मुताबिक बाहरी गतिविधियियों को काफी हद तक खोला जाएगा. साथ ही कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी हिस्सों में नाइट कर्फ्यू भी हटाया जाएगा. स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 31 अगस्त तक बंद रहेंगे.

रात के दौरान आने- जाने पर प्रतिबंध (नाइट कर्फ्यू) हटा दिया गया है. योग संस्थानों और जिम को 5 अगस्त से खोलने की अनुमति दी जाएगी. इन जगहों पर मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए लोग जा सकेंगे. स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भी लोग सामाजिक दूरी का पालन करते हुए शामिल हो सकेंगे.

वंदे भारत मिशन के तहत सीमित तरीके से यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा की अनुमति दी गई है. निम्नलिखित गतिविधियों को छोड़कर बाकी सभी गतिविधियों के लिए बाहर निकलने की अनुमति रहेगी.

– मेट्रो रेल, सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इसी तरह के स्थान सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्य और अन्य बड़ी मंडलियां इन सबको खोलने के लिए हालात के आधार पर फैसला लिया जाएगा.

– कंटेनमेंट जोन में 31 अगस्त तक लॉकडाउन को सख्ती से लागू किया जाना जारी रहेगा. निर्माण गतिविधियां चलेंगी लेकिन सामाजिक दूरी और मास्क का पालन करना होगा.

– यह गाइडलाइंस सभी जिला कलक्टरों और राज्य सरकारों की वेबसाइटों पर जारी की जाएगी.

– देश के सभी कंटेनमेंट जोन की निगरानी केंद्र सरकार करेगी. राज्य सरकारों को कंटेनमेंट जोन के बाहर की गतिविधियों पर फैसला लेना है. राज्य और संघ राज्य क्षेत्र कंटेनमेंट जोन के बाहर की कुछ गतिविधियों को प्रतिबंधित कर सकते हैं.

– किसी राज्य के अंदर और एक राज्य से दूसरे राज्य में लोगों व वस्तुओं के आने-जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा. इसके लिए अलग से अनुमति या ई-परमिट लेने की भी जरूरत नहीं होगी. अनलॉक 3 में कोविड- 19 पर केंद्र सरकार की ओर से जारी सभी प्रोटोकॉल पूरी तरह लागू रहेंगे.

– सभी दुकानें खुली रहेंगी. लेकिन दुकानदारों को ग्राहकों के बीच पर्याप्त सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा. लोगों को आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करना होगा.

– बीमार व्यक्तियों, बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को जहां तक हो सके. अपने घरों पर रहना होगा.



 नागेन्द्र इण्टर कालेज बजीरा का परीक्षाफल रहा शत प्रतिशत।



 जखोली-परिषदीय परीक्षा 2020 में नागेन्द्र इण्टर कालेज बजीरा रुद्रप्रयाग का हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा का परिणाम शत प्रतिशत रहने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवसिंह रावत सहित सभी शिक्षक  कर्मचारियों के साथ ही अभिभावकों ने खुशी व्यक्त करते हुए छात्र छात्राओं को बधाई दी है। प्रधानाचार्य शिवसिंह रावत ने बताया कि हाईस्कूल परीक्षा में 41 परीक्षार्थी व इण्टरमीडिएट में 43 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे,जिसमें से सभी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल में 5 प्रथम,33 द्वितीय व 3 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं,वहीं इण्टरमीडिएट परीक्षा में 13 प्रथम,29 द्वितीय व 01 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। उन्होंने विद्यालय का शत प्रतिशत परीक्षाफल रहने पर सभी शिक्षकों,विद्यालय परिवार व छात्र-छात्राओं के साथ ही अभिभावकों को बधाई दी है।




देहरादून-उत्तराखंड में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्क्षता में सचिवालय मैं कैबिनेट बैठक हुई। लगभग 4 घंटे तक चली इस कैबिनेट बैठक में कुल 30 बिंदु कैबिनेट रखें जिसमें से 1 पर बनाई गई कमेटी जबकि 1 बिंदु को अगली कैबिनेट के लिए किया गया ट्रांसफर।
·        कैबिनेट महत्वपुर्ण बिंदु….
·        उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन।
·        श्रम कानूनों के संशोधन प्रस्ताव को कैबिनेट में मिली मंजूरी।
·        रेरा का प्रतिवेदन विधानसभा में रखा जाएगा।
·        राजधानी में शहर के अंदर और बाहर मास्टर प्लान के तहत मास्टर रोड ओर ब्रांच रोड के बीच पेट्रोल पंप खोलने को लेकर मिली इज़ाज़त।
·        अनुसूचित जाति जनजाति के छात्र छात्राओं की छात्रवृत्ति को लेकर किया कमेटी का गठन ,फ़ीस निर्धारण पर देगी अपनी रिपोर्ट।
·        कारखाना अधिनियम के संशोधन प्रस्ताव को भारत सरकार को किया गया प्रेसित।
·        राज्य में मदिरा हुई सस्ती,विक्री के प्रथम बिंदु के बजाय बीच मे किया लागू ,शराब 2 फीसदी सस्ती ।
·        हरिद्वार में सीएचसी को लेकर मिली अनुमति।
·        उत्तराखंड पेयजल निगम में एमडी के पद में सलाहकार पेयजल निगम का पद किया सृजत।
·        उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तित करके वीर माधो सिंह भंडारी प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय देहरादून को मंजूरी।

·        राजस्व क्षेत्र निरीक्षक के 166 पदों का पुनरीक्षण 66 पद बढ़ाने की थी माँग अब 51 पदो को कैबिनेट ने दी मंज़ूरी।
·        मुख्यमंत्री युवा पेशेवर नीति में कैबिनेट ने किया बदलाव
·        15000 से बढ़ाकर 35000 महीना किया गया मानदेय।
·        कर्मचारियों से जुड़ी बड़ी ख़बर विभागों में होने वाली पदोन्नति को लेकर फ़ैसला।  पदोन्नति के बाद दुर्गम में जाने से बचने के लिए कर्मचारी छोड़ते थे प्रमोशन।
·        राज्य अधीन सेवा में पदोन्नति का त्याग करने वालों को लेकर फ़ैसला सरकार ने बनाई forgo निमवाली। अब 15 दिन के भीतर करना होगा पदोन्नत पद ग्रहण। लिखित में देना होगा प्रमोशन लेने का कारण। सरकार ने दूसरे नम्बर के कर्मचारी को मौक़ा देने का लिया फ़ैसला।
·        सरकारी- ग़ैर सरकारी स्कूल की फ़ीस में आ रहे गतिरोध को लेकर मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन। मंत्री यशपाल आर्य और मंत्री धन सिंघ रावत सदस्य।
·        N I T को मिलेगी रेशम बिभाग की जमीन,2करोड़ 88 लाख की ज़मीन दी गई निशुल्क
·        उत्तराखंड निःशुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली में आंशिक संसोधन


 

*"उत्तराखंड बोर्ड के 10 वीं और 12 के नतीजे घोषित"*



*"इंटरमीडिएट"*

 95645 छात्रों ने पास की इंटर की परीक्षा.........

80.26 प्रतिशत रहा इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम..........

*"हाई स्कूल"*

 76.73 प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम..........   

हाईस्कूल में गौरव सकलानी 98.20 प्रतिशत अंक हासिल किया टॉप............

जिज्ञासा रही दूसरे नम्बर पर,97.80 अंक हासिल कर रही दूसरे नम्बर पर............

इंटर मीडिएट में ब्यूटी बतशल ने किया टॉप..........

96.60 प्रतिशत अंक हासिल किया सूबे में पहला स्थान...........

युगल जोशी 95.40 प्रतिशत अंक ला कर रहे दूसरे नम्बर पर

इंटरमीडिएट में बागेश्वर जिले ने किया टॉप, 90 प्रतिशत रहा

रूद्रप्रयाग 89.22 दूसरे नम्बर,

देहरादून जिला 72.12 रहा फीसदी,

सबसे निचले पायदान पर रहा देहरादून जिला

देहरादून






ubse.uk.gov.in

 उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) 10वीं और 12वीं 2020 परीक्षा के परिणाम आज 11 बजे को घोषित किए जाएंगे. इस बात की जानकारी उत्तराखंड बोर्ड ने दी. बोर्ड के मुताबिक 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 11 बजे जारी किया जाएगा. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय खुद रिजल्ट घोषित करेंगे. रिजल्ट जारी होने के बाद परीक्षा में शामिल हुए छात्र अपना रिजल्ट ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकेंगे.




आदेश के मुताबिक 10वीं और 12वीं के रिजल्ट रामनगर में घोषित किए जाएंगे. इस बार बोर्ड की तरफ से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट कोरोना वायरस की वजह से 1 महीने देरी से जारी किया जा रहा है. इस बार उत्तराखंड बोर्ड 10वीं की परीक्षा में 150389 छात्र, जबकि 12वीं की परीक्षा में 121301 छात्र शामिल हुए हैंhttps://ubse.uk.gov.in/ पर

श्री भोले जी महाराज जी के जनमोत्सव  पर सीएम रावत,श्री भोले जी महाराज एवं माता मंगला जी ने किया उत्तराखंड वासियों के लिए हंस फाउंडेशन की 100 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण


पौड़ी के लवाड़  में होगा ‘नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ का निर्माण,पलायन रोकने में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कोरोना फ्रंटलाइन वॉरियर्स का सम्मान करते हुए मनाया गया श्री भोले जी महाराज का जन्मोत्सव
हंस फाउंडेशन के शो करो योजनाओं का लोकार्पण करते सीएम रावत
भोले जी महाराज माता मंगला जी

राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य,सीएम त्रिवेंद्र रावत सहित देश के प्रबुद्धजनों ने दी भोले जी महाराज को जन्मदिन की बधाई

भोले जी महाराज के जन्मदिन पर हंस फाउंडेशन ने प्रदेश के स्कूलों एवं अस्पतालों को उपहार स्वरूप प्रदान की एम्बुलेंस एवं स्कूल बसें


कोविड-19 की टेस्टिंग में तेजी लाने के लिए 10 नये सेंटरों की स्थापना
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कोविड-19 महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहे लोगों के सम्मान में इस बार समाजसेवी एवं हंस फाउंडेशन के संस्थापक श्री भोले जी महाराज का जन्मोत्सव सेवा अस्माकं धर्मः के पथ पर चलते हुए सादे तरीके से मनाया गया।

श्री भोले जी महाराज के जन्मोत्सव पर उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य,मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित देश के कई प्रबुद्धजनों ने श्री भोले जी महाराज को उनके जन्मदिन पर बधाई दी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु की कमान की।

आपको बता दें की श्री भोले जी महाराज के जन्मोत्सव के मौके पर हंस फाउंडेशन ने उत्तराखंड को उपहार स्वरूप 100 करोड़ की कई योजनाओं की सौगात दी।

पौड़ी के लवाड़ में हंस फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित होने वाले ‘नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर’  की स्थापना की परियोजना।

कोवीड-19 से लड़ने के लिए उत्तराखंड में 10 कोवीड टेस्टिंग सेंटरों की स्थापना जिसमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, उत्तरकाशी और नैनीताल  जिले शामिल है।

विद्याल रथ योजना के तह्त उत्तराखंड के चार विद्यालयों के लिए बसों का लोकार्पण,सरस्वती विद्या मंदिर उ.मा.वि. रामगढ़,नैनीताल,सरस्वती शिशु मंदिर खेतीखान,चम्पावत,सरस्वती शिशु मंदिर बाडेछीना,अल्मोडा और राजहंस पब्लिक स्कूल मियांवाला,देहरादून प्रमुख है।

शिक्षा अभियान के तह्त उत्तराखंड स्थित कई राजकीय महाविद्यालों में पुस्तकालयों के नवीनीकरण की परियोजना को हरी झंडी दिखाई गई। इन महाविद्यालों में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,थलीसैण, कर्णप्रयाग,गैरसैंण,कोटद्वार,देहरादून,उत्तरकाशी,चम्वात रानीखेत,रायपुर देहरादून और सितारगंज उधमसिंह नगर प्रमुख है।

जीवन रक्षक अभियान के तह्त जिला अस्पताल टिहरी,रूद्रप्रयाग और भारत माता मंदिर हरिद्वार को एम्बुलेंस प्रदान की गई। 

कोवीड-19 महामारी से निपटने के लिए उत्तराखंड के 250 गैर सरकारी विद्यालयों के स्टाफ को 15 दिनों का वेतन देने की योजना की शुरूआत की गई।

उत्तराखंड महिला पुलिस बल को सक्षम बनाने की योजना के अतंर्गत नैनीताल महिला पुलिस बल को शीघ्र ही दुपहिया वाहन प्रदान किए जाने की योजना को भी हरी झंड़ी दिखाई गई।

हंस फाउंडेशन के सौजन्य से उत्तरकाशी के दूरस्थ ग्रांमों के 110 परिवारों के जीवन में रोशनी की किरण पहुंचाने के लिए हंस ऊर्जा अभियान के तह्त सोलर लाईट उपहार स्वरूप प्रदान करने की योजना को भी स्वीकृति किया गया।

राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य,सीएम त्रिवेंद्र रावत सहित देश के प्रबुद्धजनों ने दी भोले जी महाराज को जन्मदिन की बधाई

भोले जी महाराज जी के जन्मोत्सव पर देश-विदेश से समाज के प्रबुद्धजनों ने भोले जी महाराज जी को जन्मदिन की बधाई दी। 

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने श्री भोले जी महाराज जी को जन्मदिन की बधाई देते हुए अपने संदेश में कहां की माता मंगाल जी एवं श्री भोले जी महाराज जी ईश्वरीय प्रतिमा के रूप में हम सब को आशीर्वाद देते हुए देशभर में जिस तरह से सेवा का कर रहे है। यह हम सब के लिए प्रेरक है। 

राज्यपाल बेबी रानी मोर्या ने कहा कि उत्तराखंड में कोविड-19 संक्रमण की टेस्टिंग में तेजी लाने के लिए फाउंडेशन ने प्रदेश को 10 ट्रूनेट मशीनें 5000 स्क्रीनिंग चिप्स और 5000 आरटीपीआर चिप्स के साथ प्रदान करने की स्वीकृति दी है। इन मशीनों को अभी उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, उत्तरकाशी और नैनीताल में स्थापित किया जा रहा है। यह बुहत ही महत्वपूर्ण मशीनें है,जिनका प्रयोग कोवीड-19 संक्रमण जांच के साथ-साथ टीबी, निपाह वायरस आदि जैसी अन्य बीमारियों की जांच में किया जा सकता है। माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी द्वारा राज्य को प्रदान किए गए इस आशीष के लिए हम आभारी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्री भोले जी महाराज को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि हमारे इतिहास व धर्मग्रंथों में ऐसे महापुरुषों के अनगिनत उदाहरण हैं, जिन्होंने समाज व दूसरों के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। माता मंगला जी व भोले जी महाराज जी भारतीय संस्कृति की इसी महान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। जिससे लाखों लोगों के जीवन में रोशनी फैल रही है।

मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक सादे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत,माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी ने हंस फाउंडेशन द्वारा वित्तपोषित 100 करोड़ रूपये की परियोजानों का लोकार्पण कर इन्हें प्रदेश की जनता को उपहार स्वरूप भेंट किया। 

जिनमें पौड़ी के लवाड़ में हंस फाउंडेशन के सहयोग से निर्मित होने वाले ‘नेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ का लोकार्पण मुख्य रहा। यह सेंटर में युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ उत्तराखंड से पलायन रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस मौके पर श्री रावत ने कहां की आज देश और राज्य कोरोना संक्रमण से गुजर रहा है। ऐसे समय में इस संकट से उभारने के लिए राज्य को जो भी मदद चाहिए,राज्य के गरीब और वंचित लोगों को जो मदद चाहिए। पूज्य माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी वह निरंतर लोगों तक पहुंचा रहे है। मैं कहना चाहूंगा की इस कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन फ्रंटलाइन वॉरियर्स की भूमिका निभा रहा है। इसके लिए हम हंस फाउंडेशन का कोटि-कोटि आभार प्रकट करते है।

हंस फाउंडेशन जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा संकल्पबद्ध है- माताश्री मंगला जी

श्री भोले जी महाराज जी के जन्मोत्सव पर शुभकामानाएं देने वाले सभी प्रबुद्धजनों का आभार प्रकट करते हुए माताश्री मंगला जी ने कहां कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है। असंख्य लोगों ने इस महामारी के चलते अपना बहुत कुछ खोया है और कई लोगों अभी भी पूरे विश्व में इस महामारी से लड़ रहे है। इस महामारी को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए हमारे फ्रंटलाइन वारियर्स रात-दिन सेवा में लगे हैं,हम उनकी सेवाओं को प्रणाम करते है।

इस लिए हमने निर्णय लिया कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अहम योगदान देने वाले फ्रंटलाइन वारियर्स के सम्मान में श्री भोले जी महाराज जी का जन्मदिन सादे तरीके से मनाए। हम सेवा अस्माकं धर्मः, सेवा हमारा धर्म हैं,के पथ पर चलते हुए। हम गरीबों,वंचितों और जरूरतमंद लोगों तक सेवा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध थे और हमेशा रहेंगे।  

 आपको बता दें की हंस फाउंडेशन ने कोविड-19 से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में 4 करोड़ा रूपये की राशि प्रदान की हैं। इसी के साथ उत्तराखंड को कोरोना वायरस से निपटने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ 51 लाख रूपये की राशि प्रदान की है। 

सेवा अस्माकं धर्म के पथ पर चलते हुए माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी इस संकट से देश को जल्द से जल्द उभारने के लिए निरंतर सेवा दे रहे है।

उत्तराखंड की अनोखी गुफा


देव भूमि उत्तराखंड को कुदरत ने कई खुबसूरत तोफौ से नवाजा है…. य़हाँ के कई पर्यटक स्थल हैजो अभी भी अनजाने है… अगर सरकार कोशिश करे तो इन स्थलों से इस सूबे की अर्थिकी सुधर सकती है…..
उत्तराखंड में चमोली जिलें के दुर्मी गांव में स्थित शिव कुपानी उड़ियार यानी  गुफा  इन दिनों लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है ।इस गुफा में कुदरतन दीवारों पर मौजूद देवी देवताओं की आकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।  स्थानीय ग्रामीण इस गुफा को शिव मंदिर मानते है और सालों से यहां पूजा अर्चना कर रहे हैं।  लेकिन अब गुफा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद ये गुफा इन दिनों खूब चर्चाओं में है ।आपको बता दे कि निजमुला घाटी  के दूर्मी गांव से 4 किलोमीटर की पैदल दूरी पर स्थित इस गुफा की जानकारी अभी  तक केवल स्थानीय लोगों तक ही सीमित  थी लेकिन अब शोसल मीडिया पर इस गुफा की तस्बीरें आने से ये गुफा देशभर में चर्चित हो चुकी है
ग्रामीणों का कहना है कि गुफाओं की दीवारों पर प्राकृतिक रूप से लकीरों से आकृतियाँ बनी हुई हैं । इसके अलावा भगवान गणेश और शिवलिंग का आकार भी चट्टान पर मौजूद है । हालांकि श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय कैंपस गोपेश्वर के भूगर्भ विज्ञान के विभागाध्क्ष डॉक्टर  अरविंद भट्ट का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में डोलोमाइट चट्टानों में इस प्रकार की आकृतियां उभरती है। वहीं चट्टानों में मौजूद खनिजों के चलते कई बार यें आकृतियां रंगीन भी नजर आती हैं । प्रदेश में पाताल भुवनेश्वर और  सहस्त्रधारा समेत कई जगहों इस तरह की चट्टाने हैं। लेकिन इस तरह की गुफा अगर है तो सरकार को इसका संरक्षण जरूर करना चाहिए ताकि इस सूबे को जियो टूरिज्म के तौर पर भी विकसित किया जा सकता है
उत्तराखंड में ऐसी अनगिनत जगह है जहाँ तक अभी भी इनसान  की पहुँच नही हो पायी है…सब जानते हैं कि कुदरत ने इस सूबे को कई नायाब तोफौ से नवाजा है अब जरूरत इस बात की है कि सरकार स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इन पर्यटक स्थलों की देखभाल करे साथ ही बेहतर तरीके से प्रचार परसार भी करें ताकि हमारे ये अनछुए पर्यटक स्थल देश दुनियाँ के लोगों की निगाहों में आ सके…..

                                                                               मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट हो रहा साकार   



                                                                                                                                                                                                                                                   मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में एयर एंबुलेंस सेवा की ट्रॉयल लेंडिंग सफल रही। इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश देश का पहला ऐसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है जिसमें अपनी हेलीपेड की सुविधा उपलब्ध है। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में आपदा के समय घायल होने वाले लोगों को सुगमता से उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा सकेगा। जिससे आईडीपीएल,जौलीग्रांट आदि स्थानों पर एयर लिफ्ट कर लाए जाने वाले मरीजों को एम्स तक पहुंचाने में लाइफ सेविंग की दृष्टि से होने वाली देरी अब नहीं होगी।                                                                                                                                                                                                                   गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में होने वाली आपदाएं अथवा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीररूप से घायलों को राज्य सरकार की ओर से एयर लिफ्ट करके एम्स में उपचार के लिए भर्ती कराया जाता है। इससे पूर्व घायलों को आईडीपीएल हेलीपैड, जौलीग्रांट आदि स्थानों पर हेलीकाप्टर को लेंड कर घायलों को सड़क मार्ग से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जाता था।जिससे मरीजों को एम्स तक पहुंचाने व उपचार में विलंब होता था, जिससे मरीजों खासकर ट्रॉमा पेशेंट की रिकवरी में जोखिम बना रहता था।                                                                                                                         राज्य में विभिन्न दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल एम्स में उपचार के लिए पहुंचाने के मद्देनजर एम्स प्रशासन ने कैंपस में  हेलीपैड बनाया था । सिविल एविएशन की गाइडलाइन्स के अनुसार, एम्स प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण के मानकों  पर आधारित हेलीपैड तैयार कर दिया गया था,जिसे बीते दिवस नागर विमान मंत्रालय के तहत कार्यरत डीजीसीए द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया था।  डीजीसीए की एनओसी के बाद मंगलवार को एम्स के हेलीपैड पर पहली ट्रॉयल लेंडिंग सफलतापूर्वक कर ली गई।
इस ट्रायल लैंडिंग में एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत जी जॉलीग्रांट से एम्स  हेलीकॉप्टर द्वारा पहुँचे। इनके साथ उत्तराखंड सरकार के नागरिक उड्डयन सलाहकार कैप्टेन दीप श्रीवास्तव भी थे। उन्होंने बताया कि यह मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी का ड्रीम प्रोजेक्ट था जिसकी ट्रायल लैंडिंग  सफल रही ।  एम्स ऋषिकेश में एयर एम्बुलेंस सेवा का मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत निकट भविष्य में विधिवत उद्घाटन करेंगे।                                                                                                                                         इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ साथ एम्स प्रशासन भी गंभीर है,जिसके मद्देनजर एम्स की ओर से परिसर में हेलीपैड का निर्माण करा दिया गया है। उन्होंने बताया ​कि उक्त कार्य में राज्य सरकार व सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी की ओर से एम्स को हरसंभव सहयोग किया गया।                                                                      एम्स ऋषिकेश के एविएशन एवं एयर रेस्क्यू सर्विसेज के इंचार्ज डॉ. मधुर उनियाल जी ने बताया कि एम्स राज्य के किसी भी हिस्से में होने वाली आपदा व सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल उपचार दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ पूरी तरह से संकल्पबद्ध होकर सहयोग कर रहा है,जिसके मद्देनजर मरीजों की लाइफ सेविंग के लिए कैंपस में ही हेलिपैड बना लिया गया है,जिससे भविष्य में घायलों को परिसर में एयरलिफ्ट कर पहुंचाया जा सकेगा और जल्द से जल्द उनका इलाज शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर ​डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, डीन अस्पताल प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा, उपनिदेशक प्रशासन अंशुमान गुप्ता, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, प्रो. कमर आजम,  अधीक्षक अभियंता अनुराग सिंह, डा. बलराम जीओमर, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी तथा अन्य संकाय सदस्य आदि मौजूद थे।

ब्रेकिंग देहरादून




स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन

उत्तराखंड में कोरोना मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 6587

वहीं उत्तराखंड में3720लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुय

आज उत्तराखंड में 259मामले सामने आये

देहरादून 33अल्मोड़ा 10 टिहरी13  हरिद्वार 42
नैनीताल 45उधम सिंह नगर108
चमोली 2 बागेश्वर1 चंपावत5

अभी भी उत्तराखंड में 2759केस
 एक्टिव

उत्तराखंड में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा 70

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन



उत्तराखंड में कोरोना मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 6328

वहीं उत्तराखंड में3675लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुय

आज उत्तराखंड में 224मामले सामने आये

देहरादून 10अल्मोड़ा 3टिहरी 1 उत्तरकाशी 10 हरिद्वार 118
नैनीताल 48 उधम सिंह नगर 3
पिथौरागढ़3 रुद्रप्रयाग1

अभी भी उत्तराखंड में 2549केस
एक्टिव

उत्तराखंड में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा पहुंचा66

*उत्तराखंड नैनीताल*



NIT को लेकर हाईकोर्ट नैनीताल से बड़ी ख़बर........

सुमाडी में NIT के स्थाई कैम्पस के निर्माण का सरकार का फैसला किया  निरस्त........

NIT के उत्तराखंड में स्थाई और अस्थाई कैंपस के विवाद पर दिया फैसला..........

मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने किया सुनाया फैसला.........

 भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार का फैसला किया निरस्त......

 छात्रों की सुरक्षा को दरकिनार कर सरकार ने लिया निर्णय-HC.......

 चार माह के भीतर NIT के स्थाई कैम्पस को लेकर निर्णय लेने के दिए HC ने निर्देश........

जेल तक पहुंचा उत्तराखंड में कोरोना 26 कैदियों में कोरोना की पुष्टि-देखें पूरी खबर


 देहरादून-उत्तराखंड में लगातार एक बार फिर से कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने लगा है और अब इसका असर देहरादून की जेल तक कोरोना का संक्रमण फैलने लगा है और लगातार कैदियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो रही है कल देर शाम 26और कैदियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।संक्रमण को खतरे को देखते हुए अब कोरोना संक्रमित कैदियों को  शिफ्ट किया जा रहा है।आईजी गढ़वाल अभिनव कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमित कैदियों की संख्या अधिक होने के कारण जेल में कोरोना वार्ड बनाना संभव नहीं है।
आप को बताते चलें की शनिवार तक सुद्धोवाला में सिर्फ 7मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई थी, वहीं जब 48 कैदियों के टेस्ट हुए थे जिनमें 26कैदी कोरोना पॉजिटिव मिले । लगातार कोरोना के मरीज मिलने से जेल में हड़कंप मचा हुआ है , वहीं रविवार को जिलाअधिकारी के आदेश पर 100कैदियों के लिए वैकल्पिक जेल की व्यवस्था महिला पॉलिटेक्निकल को अस्थाई जेल बनाया गया। इसके लिए प्रशासन की और से बंदी रक्षकों के साथ सभी व्यवस्थाएं कर दी गई हैं।

 पौड़ी आकाशवाणी प्रसारण के प्रसारण के विस्तारण की उठने लगी मांग
(कुलदीप सिंह बिष्ट, पौड़ी)


पौड़ी-पौड़ी आकाशवाणी के प्रसारण के विस्तार मांग उठने लगी है, पौड़ी आकाशवाणी 1602 किलोहर्टज एफएम 100.1 और प्रसार भारती के ऐप न्यूज़ ऑन एयर पर सुना जाता है, बहुत लंबे समय से आकाशवाणी पौड़ी द्वारा प्रसारित  कार्यक्रम के प्रसारण की समयावधि और इसकी क्षमता को बढ़ाने की  मांग स्थानीय जनता द्वारा की जाती रही है मगर प्रसार भारती की उपेक्षा के कारण गढ़वाल क्षेत्र के श्रोता आकाशवाणी पौड़ी के कार्यक्रमों से वंचित रह जाते है। पौड़ी आकाशवाणी की शुरुआत 25 नवम्बर 1996 को हुई थी।जिसमे एक किलोवाट क्षमता के ट्रांसमीटर के माध्यम से जनपद पौड़ी,टिहरी और रुद्रप्रयाग के लगभग 2 लाख श्रोताओं तक कार्यक्रम पहुचाने का उद्देश्य रखा गया था। मगर 23 साल बीत जाने के बाद  तकनीकी रूप से यहाँ की स्थिति बद से बदत्तर होती गई।आलम ये है कि डिजिटल के इस युग में पुराने ट्रांसमीटर के सहारे ज्यादा दूर तक अच्छी गुणवत्ता के साथ प्रसारण पहुंचाना अपने आप मे एक चुनौती है। जिसको देखते हुए  नागरिक कल्याण मंच के  लोगों द्वारा इसकी क्षमता को बढ़ाने के लिए दिल्ली के प्रसार भारती के प्रधान कार्यालय में को ज्ञापन दिया है उन्होंने मांग की है कि आकाशवाणी की क्षमता को बढ़ाया जाना चाहिए और इसे आधुनिक उपकरणों से लेस किया जाना चाहिए जिससे दूर दराज के क्षेत्रों में भी लोगो मनोरंजन के साथ-साथ जानकारी से भी रूबरू हो सकें।

जहां युवा जुड़ा हुआ होता है वह मिशन कामयाब होता है-सीएम त्रिवेंद्र रावत


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड यंग थिंकर्स मीट की वर्चुअल कांफ्रेंस के माध्यम से युवाओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि किसी भी अभियान से जब युवा जुड़ते हैं, तो वह अभियान जरूर सफल होता है। सरकार की विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने में युवा वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जब कोई कार्य जन सहभागिता से किया जाता तो उसे अवश्य ही सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2017 में राज्य सरकार बनने के बाद हमने जल संरक्षण अभियान चलाया। इस अभियान में लोगों का अच्छा सहयोग रहा है। रिस्पना एवं कोसी नदी के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। कोसी नदी पर एक घण्टे में 1 लाख 67 हजार पौधे रोपे गये। देहरादून में भी एक दिन 03 लाख 52 हजार पौधे लगाये गये। यह जनसहभागिता का परिणाम रहा। युवाओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सभी परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड देने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत सभी परिवारों को 05 लाख रूपये तक का हैल्थ कवरेज दिया गया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लागू करने वाला भी उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। इस योजना के तहत 150 प्रकृति के कार्यों को शामिल किया गया है। प्रदेश में जिस भी क्षेत्र में लोग कार्य करना चाहते हैं, लगभग सभी कार्यक्षेत्र इस योजना से आच्छादित हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव हेतु जागरूकता के लिए युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस वायरस से बचाव के लिए फिजिकल डिस्टेंस, मास्क का उपयोग एवं स्वच्छता जरूरी है। इसके लिए लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाय।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 न्यू डेस्टिनेशन पर कार्य कर रही है। प्रत्येक जनपदों में अलग-अलग थीम पर डेस्टिनेशन विकसित किये जा रहे हैं। प्रदेश के 500 विद्यालयों को वर्चुअल क्लास से जोड़ा गया है। 05 विश्वविद्यालयों एवं 104 महाविद्यालयों को ई-ग्रंथालय से जोड़ा गया है। प्रदेश में ई-कैबिनेट की शुरूआत की गई है। सचिवालय के 16 ऑफिस ई-ऑफिस बन चुके हैं। गैरसैंण विधानसभा भवन को ई-विधानसभा बनाया जा रहा है। देहरादून कलक्ट्रेट को ई-कलक्ट्रेट बनाया गया है। देहरादून के एसडीएम कार्यालय भी जल्द ही ई-कार्यालय से जुड़ जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। स्वरोजगार से हम अपने साथ अन्य लोगों को भी रोजगार से जोड़ सकते हैं।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से सुश्री नेहा जोशी, भूपेन्द्र कैन्तुरा, मनीषा पाण्डेय एवं युवा जुड़े थे।

इस दिन आयेगा उत्तराखंड की  10 वीं और 12वीं बोर्ड परिक्षा का रिजल्ट



 उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) 10वीं और 12वीं 2020 परीक्षा के परिणाम 29 जुलाई को घोषित किए जाएंगे. इस बात की जानकारी उत्तराखंड बोर्ड ने दी. बोर्ड के मुताबिक 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 11 बजे जारी किया जाएगा. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय खुद रिजल्ट घोषित करेंगे. रिजल्ट जारी होने के बाद परीक्षा में शामिल हुए छात्र अपना रिजल्ट ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकेंगे.

आदेश के मुताबिक 10वीं और 12वीं के रिजल्ट रामनगर में घोषित किए जाएंगे. इस बार बोर्ड की तरफ से 10वीं और 12वीं का रिजल्ट कोरोना वायरस की वजह से 1 महीने देरी से जारी किया जा रहा है. इस बार उत्तराखंड बोर्ड 10वीं की परीक्षा में 150389 छात्र, जबकि 12वीं की परीक्षा में 121301 छात्र शामिल हुए हैं.
साभर-जी न्यूज हिंदी

पौड़ी जनपद में जल्द ही शुरु होने जा रही है हवाई खेलों की शुरुआत..


 मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत  की  प्रेरणा से जिला योजना क़े अन्तर्गत प्रथम "पैरा मोटर" (Solo Paramotor) इटली से  देहरादूनपहुंच चुकी है!Tandem Paramotor भी अगस्त माह के द्वितीय सप्ताह तक देहरादून पहुँच जायेंगी.



"Moster 285" नामक इतालवी इंजन युक्त 8000 rpm की "Fly Product" नामक पैरा मोटर कंपनी द्वारा विकसित किया गया है!

70 किलो की  ज़बरदस्त थ्रस्ट का यह इंजन कुछ समय पहले Bear Grills नामक साहसिक खेल विशेषज्ञ के द्वारा एवरेस्ट पर्वत शृंखला को पार करने के लिये प्रयोग किया गया था!

ITV Boxer नामक विंग (जो कि एक बड़े पैरा ग्लाईडर के पंख  से  काफी मेल खाता है) का उपरोक्त इंजन के साथ उपयोग किया जाता है, व यह 40 किलो मीटर प्रति घंटे की गति से 165 किलो वजन के साथ उड़ सकने में सक्षम है!

लगभग 4 लीटर प्रति घंटे की दर से यह मशीन देहरादून से  पौड़ी, और पौड़ी से देहरादून (दोनों ओर मिला कर) , कुल 10 लीटर से कम पैट्रोल में पहुंचा सकती है!

इस मशीन को स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग के उद्देश्य से पौड़ी जिले के सतपुली, बांघाट, और खैरासेन के लिये तैयार किया जा रहा है, व वर्तमान में "हिमालयन एरो सपोर्ट्स असोसिएशन" की टीम के द्वारा BSF ट्रेनिंग एरिया- देहरादून में ट्रायल किया  जा रहा है!

*हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की भूगोल विभाग द्वारा आयोजित किया  जा रहे  फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम मैं देश विदेश की विषय विशेषज्ञ  ले रहे हैं भाग* 





 *शिक्षकों तथा छात्रों को मिल रहा है उनके अनुभवों का लाभ* 
 *विभिन्न तकनीकी सत्रों में शुद्ध तकनीकयों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयरों के गुर सिखाए जा रहे हैं प्रोग्राम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को*





हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की भूगोल विभाग द्वारा सात दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम ओपन सोर्स क्यू जी आई एस पर 21 जुलाई से आयोजित किया जा रहा है जिसमें इस देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उसे फैकल्टी तथा शोध छात्र भाग ले रहे हैं. अभी तक 15 तकनीकी सत्र आयोजित किए जा चुके हैं जिनमें प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गई साथ ही विभिन्न सॉफ्टवेयर की जानकारी के साथ ही उनकी प्रयोगात्मक कार्य भी संपन्न करवाए गए. प्रथम सत्र सुबह 9:30 बजे से अंतिम सत्र शायं  6:00 बजे तक प्रतिदिन चलने वाले इन सत्रों में प्रतिभागियों को कई नई जानकारियां प्राप्त हो रही हैं. दूसरे दिन संचालित सत्र के चेयरमैन प्रोफेसर वाईपी रेवानी डीन स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग तथा को चेयरमैन डॉ नरेश राणा असिस्टेंट प्रोफेसर रूरल टेक्नोलॉजी विभाग थे. इस अवसर पर प्रोफेसर रेवानी ने कहा जीआईएस का सभी क्षेत्रों में बढ़ रहा है नियोजन तथा प्रबंधन में इसका महत्व दिनों दिन बढ़ रहा है डॉ नरेश राणा इन सॉफ्टवेयर की सहायता से जहां समय की बचत होती है वहीं इससे शुद्धता भी अधिक रहती है. दिल्ली विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर जो इस कार्यक्रम में कोऑर्डिनेटर भी है ने इस सत्र में राष्ट्र इमेज वेक्टर इमेज जियोरेफेंसिंग तकनीकी पहलुओं को समझाया. इसी सत्र में शहीद भगत सिंह कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर पूनम शर्मा ने क्यू  जी आई एस सॉफ्टवेयर, पालीगोन, विभिन्न सूचनाओं को लीवर के माध्यम से व्यक्त करना तथा एयर को कैसे सही किया जाता है उस को विस्तार से समझाया. अगले सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर एमएस पवार भूगोल विभाग गढ़वाल विद्यालय को चेयरमैन के रूप में डॉक्टर वी एस नेगी दिल्ली विश्वविद्यालय थे. प्रोफेसर पवार ने कहा  भौगोलिक सूचना तंत्र की उपयोगिता आज विभिन्न क्षेत्रों में है इससे किसी विषय को समझने तथा विश्लेषण करने मैं सरलता होती है. दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ बीएस नेगी ने कहा जी आई एस सॉफ्टवेयर की सहायता से  दूरस्थ की क्षेत्रों से आंकड़ों को एकत्रित करना एवं विश्लेषण करना आसान हो गया है. इस सत्र के विषय विशेषज्ञ डॉ दलजीत ने पोली से मैप एडिटिंग अलग-अलग लेयर सेव फाइल जियो रेप्रेनसिंग के  प्रयोगात्मक कार्य करवाएं. अगले तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रमुख भूगोल देता प्रोफेसर एस सी कलवार पूर्व विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर तथा सह अध्यक्षता डॉ आर बी गोदियाल भूगोल विभाग गढ़वाल विश्वविद्यालय टिहरी परिसर ने की. इस अवसर पर प्रोफेसर कलवार ने सैटेलाइट इमेज फिजियोग्राफी लैंड यूज़ फीचर का गैस के उपयोग से अध्ययन आसान हो गया है डिजिटल लाइब्रेरी का प्रचलन तेजी से हो रहा है. जीआईएस सूक्ष्म अध्ययन के लिए काफी उपयोगी है. इस अवसर पर डॉ गोदियाल ने वर्तमान कोविड- पेनडमिक मैं इस सॉफ्टवेयर का काफी उपयोग किया गया है. इस तकनीकी सत्र के विषय विशेषज्ञ डॉक्टर सुरती कंगना द्वारा हिमालय के वनों में आग  के  प्रभाव के अध्ययन में जी आई एस  तकनीकी बहुत ही कारगर सिद्ध होती है. आग से नुकसान का आकलन तथा संवेदनशील क्षेत्रों की तत्काल पहचान की जानी संभव हुई है. इसी सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ अतुल कुमार जो गढ़वाल विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर के  भूगोल विभाग में कार्यरत हैं, ने जीआईएस सॉफ्टवेयर,  आंकड़ों के स्रोत विक्टर व राष्ट्रर  इमेज पर अपना बहुत ही महत्वपूर्ण प्रस्तुतीकरण दिया. दसवीं तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर बीपी नैथानी भूगोल विभाग गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर तथा सह अध्यक्षता डॉ एसपी सती एसोसिएट प्रोफेसर उद्यान एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार पर्यावरण विज्ञान विभाग ने  की. अवसर पर प्रोफेसर नैथानी ने कहा जी आई एस आज हर विषय का प्रमुख भाग बन गया है सामाजिक वानिकी तथा आपदा प्रबंधन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है. डॉक्टर सती ने प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग गढ़वाल विश्वविद्यालय जो इस कार्यक्रम के संयोजक भी है, उनके  द्वारा इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को आयोजित कराना तथा उसमें बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों का भाग लेना वह देश के प्रतिष्ठित हे विशेषज्ञ के रूप में तकनीकी सत्र में अपनी सेवाएं देना इस कार्यक्रम की महत्ता को सिद्ध करता है. निश्चित रूप से यह कार्यक्रम इसमें भाग लेने वाले फैकल्टी तथा शोध छात्रों के लिए सिद्ध होगा. राजस्थान में कोविड-19 अध्ययन में जीआईएस का जिस तरह से उपयोग किया गया है वह अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुए हैं. फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के अगले सत्र की अध्यक्षता रोहतक विश्वविद्यालय भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एसके बंसल तथा सह-अध्यक्षता राजकीय महाविद्यालय नरेंद्र नगर के  पर्यटन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर संजय मेहर ने की. इस अवसर पर प्रोफेसर बंसल ने कहा जीआईएस मुख्य था यह एक आंकड़ा स्रोत है यह निर्णय लेने की क्षमता में सहायता करता है बिना देखे किसी विषय वस्तु का अनुमान, आकार रंग फ्रेम आदि के आधार पर सही जानकारी का अनुमान लगाना जीआईएस है तथा क्यू जीआईएस सॉफ्टवेयर की मदद से सही स्थिति विस्तार पूर्वक जानने मैं मदद करता है. डॉक्टर मेहरा ने कहां पर्यटन के क्षेत्र में इस सॉफ्टवेयर का बहुत अधिक महत्व है विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों की इसकी सहायता से कोडिंग में सहायता मिलती है. तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका से डॉ विनीता सीहोटा जो वहां की एक प्रमुख अधिकारी भी हैं ने बाल्टीमोर शहर में सड़क जाल के प्रबंधन में इन सॉफ्टवेयर की भूमिका को विस्तार से बताया. ट्रैफिक कंट्रोल मी इसकी कितनी कारगर भूमिका है उस पर अपना महत्वपूर्ण प्रस्तुतीकरण दिया. इन सॉफ्टवेयर की सहायता से विभिन्न सूचनाओं का विश्लेषण करना तथा उन्हें जनता तक उपलब्ध कराना जिससे यातायात की समस्या को रोका जा सके. आज के प्रथम सत्र की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय में भूगोल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर जगबीर सिंह तथा सह  अध्यक्षता गढ़वाल विश्वविद्यालय केफार्मास्टिकल साइंस पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार ने की. इस अवसर पर डॉ जगबीर ने कहा विभिन्न सॉफ्टवेयर ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है. हर क्षेत्र में इसका उपयोग किया जा रहा है. डॉ विजय कुमार ने मेडिकल क्षेत्र में जी आई एस की भूमिका कितनी कारगर सिद्ध हो रही है इस पर विस्तार से अपने विचार रखे. कोविड-19 मैं विभिन्न देशों ने भिन्न-भिन्न तरीके से इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया. इस सत्र के विषय विशेषज्ञ दिल्ली  वि वि में शिछक वैशाली  शर्मा व चेतन होड्डा  ने रिसर्च मेथाडोलॉजी रिसर्च पेपर राइटिंग पर विस्तार से अपना प्रस्तुतीकरण दिया. आज के दिन के अंतिम सत्र अध्यक्षता की प्रमुख भूगोलवेत्ता चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष सिमरत कलहन तथा सह अध्यक्षता भूगोल विभाग पौड़ी मैं प्रोफेसर अनीता रुडोला ने  की. प्रोफेसर सिमरत ने इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिओ स्पेशल टेक्नोलॉजी का तथा सामाजिक क्षेत्र में बहुत अधिक महत्व बढ़ता जा रहा है. शोध छात्रों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण साधन हो गया है जिसे हम कम समय कम लागत मैं सही अध्ययन कर पा रहे हैं. प्रोफेसर  रूडोला ने विभाग द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी. इस सत्र के विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉक्टर बी देशमुख इंदिरा गाँधी  मुक्त  वि  वि ने  महाराष्ट्र का लैंड सेट इमेज को भूगोल सूचना तंत्र क्वांटम जीआईएस के माध्यम से मानचित्रण किया राष्ट्र डेटा का तुलनात्मक अध्ययन कर पुरानी राष्ट्र इमेज और नई राष्ट्र इमेज की तुलना कर होने वाले भौगोलिक परिवर्तन से अवगत कराया नदी उसके आसपास के क्षेत्रों प्रकार का परिवर्तन कर रही है क्वांटम जीआईएस के माध्यम से इसे आसानी से तुम बहुत ही शुद्धता से इस कार्य को किया जा सकता है, से अवगत कराया. हमें भौतिक नगरीय बंद जिस किसी बदलाव का अध्ययन करना है उसके लिए जीआईएस तथा क्वांटम जीआईएस बहुत ही उपयोगी सॉफ्टवेयर है.
प्रोफ़ेसर महावीर सिंह नेगी विभागाध्यक्ष भूगोल हेमंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय जो इस सात दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के संयोजक भी हैं प्रत्येक सत्र में चेयरमैन को-चेयरमैन, के साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से विषय विशेषज्ञों का धन्यवाद किया. तथा इस अवसर पर उन्होंने कहा पेनडमिक  के इस दौर में ऑनलाइन ही एक ऐसा माध्यम था जिससे जहां लगातार छात्र-छात्राओं का अध्यापन कार्य नया जाना संभव हुआ है वही छात्रों से छात्रों शिक्षकों को नई-नई तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना वह आने वाले समय के लिए उन्हें तैयार करना इस फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित करने का मुख्य मकसद था. इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल का आभार व्यक्त किया इसके साथ ही विभाग के सभी शिक्षकों पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एम एस एस रावत डीन स्कूल ऑफ अर्थ साइंस आर एस पवार आयोजन समिति के पदाधिकारी प्रोफेसर एमएस पवार प्रोफेसर बीपी नैथानी डॉक्टर एल पी ल खेड़ा डॉ राजेश भट्ट डॉ अतुल कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय के  डॉ दलजीत सिंह जो मुख्य ट्रेनर एवं ज्वाइंट कोऑर्डिनेटर भी है, सरदारशहर चुरु राजस्थान की डॉक्टर सुनील जो इस कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर हैं के साथ ही डॉ मनोज हिमांशु ग्रोवर, इस कार्यक्रम का संचालन कर रही शोध छात्रा नेहा चौहान, तथा तकनीकी सहयोग कर रहे छात्र मोहम्मद असलम व विकास रावत के साथ ही विभागीय सहयोगी डॉक्टर जे एस कठेत, जी पी सेमवाल का आभार व्यक्त किया.

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