सचिवालय के अधिकारी बनकर ठगे दिल्ली दंगे में मारे गए दिलवर के भाई से तीन लाख आरोपी गिरफ्तार-जानें पूरा मामला

 दिल्ली दंगे में मृत दिलबर के भाई से ठगी तीन लाख से अधिक की धनराशि

(कुलदीप सिंह बिष्ट पौड़ी)


पौड़ी- दिल्ली दंगे में मृतक दिलबर के भाई से नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख से अधिक की ठगी के आरोपित पूर्व प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चमोली जनपद के एक पूर्व प्रधान ने स्वयं को सचिवालय का अधिकारी बता कर मृतक दिलबर के भाई से चैक लिए थे। चैक पर फर्जी हस्ताक्षर कर 3 लाख से अधिक की धनराशि निकाल ली थी। फरवरी माह में दिल्ली में हुए दंगों में थलीसैंण विकासखंड के रोखड़ा गांव निवासी दिलवर सिंह की मौत हो गई थी। दंगाइयों ने दिलबर पर उस समय अचानक हमला कर दिया था जब वह गोदाम में सो रहा था। दिलबर के स्वजनों को दिल्ली सरकार, उत्तराखंड सरकार के अलावा कुछ अन्य संगठनों ने भी आर्थिक सहायता दी थी। मृतक दिलबर के बड़े भाई देवेंद्र ने बताया कि बीते मार्च माह में एक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर बताया कि वह सचिवालय देहरादून से बोल रहे हैं। तुम्हे नौकरी देने के लिए मुझे उच्चाधिकारियों के निर्देश मिले हैं। देंवेद्र ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने उन्हें पैठाणी में आने को कहा। साथ ही दो चैक व अपने शैक्षणिक दस्तावेज लाने को भी कहा। व्चयक्ति ने अपना नाम बीरेंद्र सिंह बताया था।  जिस पर देवेंद्र मार्च माह में अपने बैक एकाउंट के दो चैक व शैक्षिणक प्रमाण पत्र लेकर पैठाणी पहुचा। यहां उसने उक्त व्यक्ति बीरेंद्र को अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज व दो चैक दिए। लेकिन जून माह में एक बार फिर बीरेंद्र ने फोन कर बताया कि नौकरी के लिए प्रार्थना पत्र पिता के नाम से लिखा जाना है, इसलिए तुम अपने पिता के बैंक एकाउंट के चैक लेकर पौड़ी पहुंचो। देंवेंद्र ने बताया कि फिर उसने पौड़ी आकर बीरेंद्र को अपने पिता के नाम के दो चैक व प्रार्थना पत्र दिया। दोनों चैक ब्लैंक थे। हालांकि एक चैक पर उसके पिता के हस्ताक्षर थे। देवेंद्र ने बताया कि जब वह 30 जूून को किसी कार्य से श्रीनगर बैंक गए तो पता चला के उसके पिता के बैंक एकाउंट से 3 लाख 25 हजार की राशि निकाली गई है। बैंक से जानकारी मिली कि उक्त राशि बीरेंद्र के एकाउंट में ट्रांसफर हुुई है। देवेंद्र ने बताया कि कई दिनों तक बीरेंद्र उक्त राशि को वापस करने का झांसा देता रहा। बीते 30 जुलाई को देवेंद्र ने थानी पैठाणी में देवेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जी लोकसेवक बनने के आरोप में मुकदता दर्ज कराया। थानाध्यक्ष प्रताप सिंह ने बताया कि विवेचना पूर्ण करने के बाद बीरेंद्र को उसकी दीदी के गांव खेत (गैरसैंण) से गिरफ्तार कर लिया गया है।

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