अयोध्या की माटी मां अखंड द्यू जगणू च राम मंदिर वखि बणणू च-दीपक कैन्तुरा की कविता



               मंदिर बणलु अब अयोद्या की माटी मा





दीपक कैन्तुरा युवा कवि

शुभदिन वार शुभ घड़ी बौडीक तैं एगी

राम मंदिर की तैयारी जौर सौर सी होंण लेगी

पांच अगस्तक तैं पांच सौं सालों कु खत्म होलु इंतजार

 अयोद्या मा  बणलु  राम भगवान कु भब्य दरवार

 भारत माता की धरती मा एक अखण्ड द्यू जगलू

 अयोद्ध्या की धरती मा अब राम मंदिर बणलु

 
              ( सुनें वीडियो में पूरी कविता)

पांच अगस्त कु दिन बस पांच ना

पंच अमृत बोल्ये जालू

 एक रामयण अब फिर सी राम मंदिर

कु लेखिये जालू

जय श्री राम गुंजलु अब देश की घाटी घाटी मा

भगवान श्री राम कु  मंदिर बणलु अब अयोद्या की माटी मा

 

सदियों सी स्यूं इतिहास हिलिगी

 न्याय का मंच सी हम तें राम मंदिर मिलिगी

 झूठ की बुणियाद पूरी तरह सी हिलीगी

आज हमतें मर्यादा पुरुषोतम राम मिलिगी

अब तुफानों सी भी नी  बझलू

पहाड़ों सी भी नी रुकलू

अखण्ड द्यूं जख जगलू

राम मंदिर वखि बणलु

 

मंदिर का बाना कै लोगोंन गोली खाई छाती पर

 ऊं लोगों की बलिदान का बदला मंदिर बणलु अयोद्या की माटी पर

 कै पीढ़ी खपिगिन मरिगिन मिटिगिन मंदिर का इंतजार मा

अब बरसों का बाद बरसों तैं चांद जनू चमकलू

अब मंदिर अयोद्या की माटी मा बणलु

 

 

5 अगस्त कु 2020 कु दिन इतिहास मा रोलू याद

चारों धामों की पवित्र माटी अर गंगा कु पवित्र जल सी चांदी का ईंटो सी रख्ये जाली बुणियाद

मोदी योगी लाखों राम भक्तों का सघर्ष सी सफल ह्वे काम

अब भब्य मंदिर मा विराजमान रोला जय श्री राम

धरती का हर कोंणा मा लिख्ये जालू राम राम

 अयोद्या बणलु अब दुनिया कु धाम

हर कैका मुख बटिन निकलू अब जय श्रीराम

दुनिया मा गुंजली जय श्री राम की जय जयकार

 तीन साल मा भब्य राम मंदिर बणिक  ह्वे जालू तैयार

 देश का हर मनखि की सदियों की पूरी होली आस

 5 अगस्त 2020 भारत रटलू दुनिया मा नयुं इतिहास

 राजी खुशी रख्या श्री राम सबुकु घरवार

 दुनिया देखली अयोद्या कु राम दरवार

पांच अगस्तक अखण्ड द्यू जगणु च

 मोदी योगी राज मा राम मंदिर बणणु च जय श्री राम

 

शुभ दिन वार शुभ घड़ी बोडीक तैं ऐगी

  राम मंदिर की तैयारी होंण बेगी

 वर्षों कु अब खतम ह्वेगी इंतजार

 अयोध्या मा सजलू राम जी कु दरवार

  दुनिया मा गुंजली जयजयकार

 श्रीराम कु मंदिर बणलु अयोद्या की माटी मा

  जय श्रीराम गुंजलू दुनिया की घाटी मा

      
न तूफानों सी  बझलू

न पहाड़ों सी रुकलू

अखण्ड दियूं जख जगलू

राम मंदिर वखी बणलु

 

 

 


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