उत्तराखंड का विधायक हॉस्टल भी कोरोना की चपेट में-विधायकों ने लिखी चिट्ठी

उत्तराखंड का विधायक हॉस्टल भी कोरोना की चपेट में-विधायकों ने लिखी चिट्ठी



देहरादून उत्तराखंड का विधायक हॉस्टल भी कोरोना की जद में आ गया है। यहां रह रहे कुछ विधायक और उनके परिवार के लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसे देखते हुए भाजपा के विधायकों ने अपर सचिव और राज्य संपत्ति अधिकारी को चिठ्ठी (पत्र) लिखी है। चिट्ठी में विधायकों ने हॉस्टल में आने जाने वाले बाहरी लोगों को प्रतिबंधित करने की सलाह दी है। ताकि हॉस्टल में संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके।

उत्तराखंड में कोरोना 21 हजार के पार पहुंच गया है। शहर के बाद ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना के नित नए मामले आ रहे हैं। आम से लेकर खास लोग भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। गत दिवस मुख्यमंत्री के दो ओएसडी गोपाल रावत, अभय सिंह के बाद विधायक विनोद चमोली, सचिव राम विलास यादव समेत कई नेताओं और अफसरों की कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा रेसकोर्स स्थित अस्थायी विधायक निवास(हॉस्टल) में रह रहे कुछ विधायक और उनके परिजनों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इससे चिंतित विधायकों ने अपर सचिव और राज्य संपत्ति अधिकारी को पत्र लिखते हुए हॉस्टल में आने-जाने वाले बाहरी लोगों पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाएं। ताकि हॉस्टल में रहने वाले विधायक और परिवार सुरक्षित रह सके। विधायकों के इस पत्र पर राज्य संपत्ति विभाग ने सेनेटाइज के साथ ही हॉस्टल में बिना काम के आने-जाने पर रोक लगाने की तैयारी कर दी है।

इन विधायकों ने लिखा पत्र

यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत के लेटरपैड पर लोहाघाट के विधायक पूरन फर्त्याल, बागेश्वर के विधायक चन्दनराम, द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी, सलट विधायक सुरेंद्र सिंह जीना, नानकमत्ता के डॉ प्रेम सिंंह राणा, आदि ने पत्र लिखा है।

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