हाईटेंशन की तार से जान गंवाने वाले कमल को मिलेगा इंसाफ-नपेंगे कई ऊर्जा विभाग के लापरवाह अधिकारी-सीएम रावत ने दिए जांच के आदेश

 हाईटेंशन की तार से जान गंवाने वाले कमल को मिलेगा इंसाफ-नपेंगे कई ऊर्जा विभाग के लापरवाह अधिकारी-सीएम रावत ने दिए जांच के आदेश 



हल्द्वानी में विगत दिवस हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से साईकिल सवार औषधीय संयोजक (कंपाउंडर) की झुलसने से हुई मौत के मामले में ऊर्जा विभाग की लापरवाही को मा० मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी ने काफी गंभीरता से लिया है। मा० मुख्यमंत्री जी ने घटना पर गहरा दुख जताया और ऊर्जा सचिव श्रीमति राधिका झा जी को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिम्मेदार लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। 

      ऊर्जा सचिव श्रीमति राधिका झा जी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि मा० मुख्यमंत्री जी के निर्देश के बाद सीनियर स्तर के अधिकारी मुख्य अभियंता एमएल प्रसाद को जांच अधिकारी नामित कर उनसे रिपोर्ट मांगी है। श्री प्रसाद मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं। अधिशासी अभियंता ग्रामीण अमित आनंद की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी की प्रथमदृटया रिपोर्ट में एसएसओ की लापरवाही प्रतीत हुई है। फाइनल रिपोर्ट मिलने पर इस घटना के लिए जिम्मेदार लापरवाह अफसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निचले स्तर के तकनीकि अधिकारियों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। घटना में मृतक आश्रित को तत्काल चार लाख मुआवजा दिया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी सहायता की कोशिश की जाएगी। 

    गौरतलब है कि टेडी पुलिया हाइडिल गेट बारीखत्ता निवासी कमल रावत (29) पुत्र एमएस रावत मंगल पड़ाव स्थित एक क्लीनिक में कंपाउंडर था। गत शुक्रवार को कमल साइकिल से ड्यूटी पर जा रहा था। सुबह करीब नौ बजे कमल जैसे ही वॉक मॉल के पास पहुंचा तभी वहां हाइटेंशन लाइन का तार टूटने से उसकी चपेट में आ गया और करंट से झुलसकर कमल की मौके पर ही मौत हो गई।

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