पौड़ी की खस्ताहाल सड़के बनी जनता का सर दर्द


पौड़ी की खस्ताहाल सड़के बनी जनता का सर दर्द


(कुलदीप सिंह बिष्ट)

पौड़ी-पौड़ी में खस्ताहाल हो चुकी सडके और जर्जर हो चुके पुल जनता के लिये बडा सरदर्द बने हुए हैं जो कि किसी बडी सड़क दुर्घटना खुला न्योता दे रही हैं लेकिन जिम्मेदार विभाग ने अब तक इस समस्या पर नजरे नहीं फेरी, शहर व ग्रामीण सडको पर बने बडे बडे गढडे सडक दुर्घटना का कई बार बडा कारण भी बने हैं लेकिन बावजूद इन सबके सडको की मरम्मत करना तो दूर जिम्मेदार विभाग लोक निर्माण विभाग से सडको के गढडे तक नहीं भरे गये कुछ यही हाल जर्जर पुलों के भी जिस पर रोजाना जान जोखिम में डालकर आवाजाही होती है और हर रोज खतरों से भरा सफर मजबूर जनता को तय करना पडता है इन जर्जर पुलों पर जब विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं गया तो मजबूर जनता ने सोशयल मीडिया के जरिये शासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के प्रयास भी किये हैं लेकिन जिम्मेदार विभाग अब भी अपनी नाकामिया छिपाने के लिये कई तर्क प्रस्तुत कर रहा है वहीं खस्ताहाल सडको का आलम ये हैं कि खतरों भरा सफरको  बरसात ने और भी चुनौतियों भरा बना डाला है मानसून सीजन निपटने के बाद सडकों की हालत अब और भी खस्ता हो चुकी है कई सडके ट्रीटमैंट की राह तांक रही हैं बार बार आवाज उठाने के बाद विभाग का तरफ से कोरा आश्वासन ही सडको को दुरूस्त करने के लिये सालो से दिया जा रहा है लेकिन कार्यवाही आज तक नहीं हुई वहीं अब जब सोशियल मीडिया में विभाग की नाकामियों को दर्शाया जा रहा है तो विभाग की नींद टूटी है और सडको को पर जल्द काम करने का हवाला दिया जा रहा है जिम्मेदार विभाग की माने तो लाकडाउन की वजह से सडको का ट्रीटमैंट पहले नहीं हो पाया इसके बाद बरसाती सीजन में सिर्फ अवरूध मार्गो को खोलने में ही विभाग जुटा रहा और ट्रीटमैंट मांग रही सडको पर बरसात निपटने के बाद अबं ध्यान देने की बात की जा रही है और जर्जर पुलो की मरम्मत का हवाला भी लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारी दे रहे हैं।

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