शिक्षा के पायदान से शिखर की ऊंचाई तक बृजमोहन सिंह रावत.-देखें

 *शिक्षा के पायदान से शिखर की ऊंचाई तक* 

.......... बृजमोहन सिंह रावत......



(मुकेश सारंग पौडी-गढवाल)


पढाना शिक्षकों का धर्म है, एवं सेवाभाव से अध्यापन की लगनशीलता अध्यापक के पुरूषार्थ को सिद्ध करती है। दूरस्थ क्षेत्रों मे जहां शिक्षा का आलोक अवरोध होता है, वहां कोई ना कोई शिक्षाविद ऐसी वेदना को महसूस करता है।


श्री बृजमोहन सिंह रावत ऐसे आदर्श   शिक्षा अधिकारी है कि जिनसे मिलकर छोटा व्यक्तित्व भी अपने को छोटा महसूस नी करता । श्री रावत ग्राम नाकुरी विकास खण्ड बीरोंखाल पौडी-गढवाल के मूल निवासी है। बचपन की शिक्षा-दीक्षा ग्रामीण अंचल में होने के कारण शिक्षा के अप्रसार की वेदना को बडी शिद्दत से महसूस करते है ।


श्री बृजमोहन रावत की प्रथम नियुक्ति प्रवक्ता पद पर रा.इ.का. सिराई टिहरी गढवाल में हुई एवं सन् 1997 में प्रान्तीय शिक्षा सेवा ( PES) से चयनित होने के बाद अति दुर्गम क्षेत्र रा. इ. का. उत्तमसाणी (अल्मोडा) में प्रधानाचार्य के रूप मे हुई। वहां जाकर भी शिक्षा की लौ को सतत जलाकर रखने के बाद गरीब, असहाय, आर्थिक रूप तंग छात्र-छात्राओं को स्कूल आने को प्रेरित किया एवं स्वयं उनका खर्चा वहन करके शिक्षा की किरण दिखाने हेतु प्रयास किया। तत्पश्चात रा.इ.का. दुआधार टिहरी-गढवाल एवं रा.इ.का. कीर्तिखाल मे स्थानान्तरण होने पर शिक्षा का मूल सिद्धांतों एवं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए निरन्तर प्रयासरत रहे। वर्ष 2007 से 2012 तक खण्ड शिक्षा अधिकारी एकेश्वर पौडी में नियुक्त होने के फलस्वरूप स्वच्छ छवि, ईमानदारी से प्रशासनिक नेतृत्व बहुत अनुकरणीय है। वर्ष 2012 से 2014 तक जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) टिहरी के पर पर सुशोभित होने के बाद भी छात्र-छात्राओं से सतत संवाद एवं शिक्षा परिवर्धन जारी रहा।


श्री रावत पदोन्नति के पश्चात उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर (नैनीताल) में अपर सचिव पद पर शोभायमान है एवं शिक्षा  शिल्पी के रूप में विराजमान है।

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