जो कोई न कर सका वह त्रिवेंद्र नेतृत्व ने कर दिखाया! बातें कम, काम ज्यादा.त्रिवेन्द्र ने पूरा किया हर वादा-जानिए सभी ऐतिहासिक उपलब्धियों के बारे में

 जो कोई न कर सका वह ईमानदार त्रिवेंद्र नेतृत्व ने कर दिखाया! बातें कम, काम ज्यादा....





जनहित में किए गए ऐतिहासिक कार्य:



  • भराड़ीसैंण (गैरसैंण) को बनाया प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी।
  •  श्रद्धालुओं की सुविधा और चारधाम के विकास की दृष्टि से 'चारधाम देवस्थानम बोर्ड' का गठन।
  •  14 साल के लंबे इंतजार के बाद टिहरी को प्रताप नगर से जोड़ने हेतु डोबरा चांठी पुल जनता को समर्पित।
  •   6 लाख से अधिक लौटे प्रवासियों एवं प्रदेश के युवाओं के लिए 150 से अधिक कार्यों के लिए 'मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना' में आर्थिक सहायता का का प्राविधान।
  •  मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 8302 आवेदनों के सापेक्ष जिला स्तर पर स्वीकृत 4963 परियोजनाओं में से 1529 परियोजनाओं को बैंकों द्वारा वित्त पोषण।
  •  इन्वेस्टर समिट के बाद अभी तक ₹24 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग तथा 57000 को रोजगार।
  •  10,000 युवाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार।
  •  10,000 वन अग्नि रक्षक से रोजगार! 104 ग्रोथ सेंटर की स्थापना से 30,000 को रोजगार।
  •  त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में 14450 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा 01 लाख से अधिक को रोजगार।
  •  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मार्च 2017 में रुपए 2888 करोड़ का व्यय तथा 6409 किलोमीटर लंबाई का निर्माण कार्य पूर्ण व 657 बसावटों को सड़क से जोड़ा गया।
  •  वर्तमान में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई 3500 किलोमीटर, 1160 नई सड़कों सड़कें तथा 3900 किलोमीटर सड़कों का पुनर्निर्माण एवं चौड़ीकरण।
  • 274 पुलों का निर्माण।
  • कोविड-19 के दृष्टिगत 750 से अधिक चिकित्सकों की नियुक्ति।
  •  देहरादून, श्रीनगर, अल्मोड़ा, हल्द्वानी, रुद्रपुर के बाद अब हरिद्वार और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेज।
  •  राज्य के सभी जनपदों में आई०सी०यू० स्थापित।
  •  'अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना' में राज्य के सभी परिवारों को ₹5 लाख वार्षिक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा।
  •  आयुष्मान योजना में 39 लाख से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड अब तक बनाए गए हैं अभी तक 2 लाख 17 हजार से अधिक मरीजों का नि:शुल्क उपचार तथा ₹211 करोड से अधिक का इलाज पर व्यय।
  •  राज्य के सरकारी कार्मिकों और पेंशनरों को भी 'अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना' में किया गया सम्मिलित। देशभर के 22 हजार से अधिक अस्पताल इलाज हेतु सूचीबद्ध।
  •  किसानों को ₹3 लाख और महिला स्वयं सहायता समूह को ₹5 लाख तक का ऋण 0% ब्याज के उपलब्ध।
  •   किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 8.57 लाख किसानों को ₹852.04 करोड़ का भुगतान।
  •  जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 3900 जैविक क्लस्टरों में काम शुरू।
  •  2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने हेतु 3340 करोड़।
  •  'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना' के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य के 62 लाख लाभार्थियों को प्रतिमाह प्रति यूनिट 5 किलो चावल और 13.49 लाख प्रति परिवार को 1 किलो दाल निःशुल्क।
  •  'मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना' के अंतर्गत 24 लाख राशन कार्ड धारकों को 2 किलो दाल प्रतिमाह सस्ती दरों पर।
  •  वृद्धावस्था विधवा एवं दिव्यांगजन पेंशन की राशि तथा ग्राम प्रहरियों के मानदेय में की गई बढ़ोतरी।
  •  आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आंगनबाड़ी सहायिका,मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्री के मानदेय में बढ़ोतरी।
  •  प्रदेश के लोक कलाकारों का मानदेय किया वह दोगुना।
  • 13 डिस्ट्रिक्ट 13 न्यू डेस्टिनेशन का कार्य गतिमान।

  •  ₹375 करोड के रोप-वे का निर्माण पी.पी.पी मोड़ पर।
  •  2200 होमस्टे पंजीकृत।
  • राज्य में 27 हेलीपोर्ट विकसित किए जाने का निर्णय।
  • फिल्म शूटिंग हेतु फिल्म कलाकारों के लिए बेस्ट शूटिंग डेस्टिनेशन बना उत्तराखंड, अभी तक 300 से अधिक फिल्मों एवं सीरियल की शूटिंग।
  •  घोषणापत्र के 85 फ़ीसदी वादे पूरे।
  • जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर को नल से जल योजना में केवल ₹1 में ग्रामीण क्षेत्रों में तथा शहरी क्षेत्रों में मात्र ₹100 में पानी का कनेक्शन।
  •  सौभाग्य योजना में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण।



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