एक्शन में सीएम त्रिवेन्द्र -अब अधिकारियों को पहाड़ में जाना होगा-ग्राउंड जीरो का रिपोर्ट कार्ड बताना होगा

 

  • मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को दिये योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश।
  • प्रभारी सचिवों को दिये जनपदों के भ्रमण के निर्देश।
  • विभागाध्यक्ष नियमित रूप से करें विभागीय योजनाओं की समीक्षा।
  • मण्डलायुक्तों को दिये विधान सभा क्षेत्रवार समीक्षा के निर्देश।
  • जिलाधिकारी नियमित रूप से अपनी अदालत में वादों का करें निस्तारण। पिछले तीन महीनों का विवरण करायें उपलब्ध।
  • सुशासन दिवस 25 दिसम्बर से सचिवालय के सभी अनुभाग करेंगे ई-ऑफिस के रूप में कार्य, इसके लिये बनायी जाय प्रभावी व्यवस्था।



        मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निर्देश दिये हैं कि सुशासन दिवस 25 दिसम्बर तक सचिवालय स्थित सभी अनुभाग ई-ऑफिस के रूप में कार्य करना सुनिश्चित करें। इसके लिये प्रशिक्षण एवं संसाधनों की उपलब्धता आदि के लिये उन्होंने अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सचिव आई.टी को जिम्मेदारी सौंपी है।



 मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये हैं कि माह दिसम्बर से आरम्भ होने वाले उनके जनपदों के प्रवास कार्यक्रम से पूर्व दोनों मण्डलायुक्त विधान सभा क्षेत्रवार योजनाओं की समीक्षा करना सुनिश्चित करें।



       मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव सहित शासन के उच्चाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रभारी सचिवों को इस माह के अंत तक सम्बन्धित जनपदों का भ्रमण कर विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि प्रभावी सचिव अपने भ्रमण के दौरान सम्बन्धित जनपदों में संचालित ग्रोथ सेंटरों का भी निरीक्षण करें।





उन्होंने जन समस्याओं के त्वरित समाधान एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सीएम डेस बोर्ड पर उपलब्ध विवरण को भी पब्लिक डोमेन में अपलोड किये जाने की कार्यवाही हेतु समिति गठित कर इसके शीघ्र क्रियान्वयन को कहा है।



       मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये हैं कि वे नियमित रूप से ब्लाक स्तर तक सरकार आपके द्वार-समस्या समाधान शिविरों का आयोजन कर जन समस्याओं की त्वरित  ढंग से निराकरण कराये। उन्होंने डीएम एवं एसडीएम को नियमित रूप से अपनी कोर्ट संचालित करने पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से पिछले तीन माह में उनके द्वारा निस्तारित वादों का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा है। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में दाखिल खारिज के लम्बित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के साथ ही जिन वादों के नोटिस जारी किये जा चुके हैं उनका निस्तारण भी 25 दिसम्बर तक किये जाने के निर्देश दिये हैं।


       मुख्यमंत्री ने विभागाध्यक्षों को भी नियमित रूप से विभागीय समीक्षा कर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये हैं। 



मुख्यमंत्री विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के लम्बित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित किये जाने के निर्देश देते हुए सचिव वित्त से इस सम्बन्ध में बैंकर्स के साथ बैठक कर इसमें तेजी लाये जाने को कहा। इसके साथ ही स्वरोजगार योजनाओं, स्कूलों आदि का भी निरीक्षण अपने भ्रमण के दौरान करें। इससे व्यवस्था में सुधार के साथ ही इससे जुड़े लोगों को प्रोत्साहन भी मिल सकेगा।
         इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के उच्च न्यायालय में मुख्य स्थाई अधिवक्ता (चीफ स्टैंडिंग काउंसिल) परेश त्रिपाठी के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई।
बैठक में मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्रीमती मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन सहित सभी सचिव एवं प्रभारी सचिव उपस्थित थे।

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