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देश को मिले 325 सैन्य अफसर, कैडेटों को उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा गया-जानिए कहां से कितने कैडेट्स मिले

  IMA POP 2020: देश को मिले 325 सैन्य अफसर, कैडेटों को उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा गया गौरव: देश को मिले आईएमए के होनहार ऑफिसर, गौरव का इतिहास ...

 IMA POP 2020: देश को मिले 325 सैन्य अफसर, कैडेटों को उत्कृष्ट सम्मान से नवाजा गया




गौरव: देश को मिले आईएमए के होनहार ऑफिसर, गौरव का इतिहास दुबारा रचा गया


देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी में आज पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। आज पासिंग आउट परेड में 325 नौजवान भारतीय सेना का हिस्सा बने। 'भारत माता तेरी कसम तेरे रक्षक बनेंगे हम', आईएमए गीत पर परेड करते जेंटलमैन कैडेट जैसे ही ड्रिल स्क्वायर पर पहुंचे तो वहां मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर उनका जोरदार स्वागत किया।


इस पासिंग आउट परेड में 325 नौजवान भारतीय सेना का हिस्सा बने और साथ ही मित्र देशों के 70 कैडेट भी पास आउट हुए। उप सेना प्रमुख ले. जनरल एसके सैनी ने परेड की सलामी ली।


आज सुबह 08:45 बजे मार्कर्स कॉल के साथ परेड का आगाज हुआ। परेड के आगाज होते ही कंपनी सार्जेट मेजर अभिनव कुटलेरिया, सोनू शर्मा, नागवेंद्र सिंह रंधावा, अक्षत कौशल, नदीम अहमद वानी व रोहित शर्मा ने ड्रिल स्क्वायर पर अपनी-अपनी जगह ली।


सुबह 08:50 बजे एडवांस कॉल के साथ ही छाती ताने देश के नौजवान हिम्मत और हौसले के साथ परेड के लिए पहुंचे। इसके बाद परेड कमांडर माजी गिरिधर ने ड्रिल स्क्वायर पर जगह ली। कैडेट्स की शानदार मार्चपास्ट को देखने बैठा हर एक शख्स मंत्रमुग्ध हो गया।


उप सेना प्रमुख ने कैडेटों को ओवरऑल बेस्ट परफॉर्मेंस व अन्य उत्कृष्ट सम्मान से भी नवाजा। वतनदीप सिद्धू को स्वार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया जबकि माजी गिरिधर को स्वर्ण, निदेश सिंह यादव को रजत व शिखर थापा को कांस्य पदक मिला।


जसमिंदर पाल सिंह सिद्धू ने सिल्वर मेडल (टीजी) हासिल किया। तंदिन दोरजी सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट चुने गए। चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ बैनर कैसिनो कंपनी को मिला। इस दौरान आईएमए कमान्डेंट ले. जनरल हरिंदर सिंह, डिप्टी कमान्डेंट मेजर जनरल जगजीत सिंह मंगत समेत कई सैन्य अधिकारी मौजूद थे।


कोविड 19 के चलते पासिंग आउट परेड में तमाम स्तर पर सावधानियां बरती गई। परेड के दौरान भी शारीरिक दूरी के नियमों का पूरा पालन किया गया। मार्चपास्ट के दस्ते में दस कैडेट एक लाइन में होते हैं लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए इनकी संख्या आठ रखी गई। ताकि कैडेटों के बीच रहने वाली दूरी दो मीटर की दूरी बनी रहे। इसके अलावा जेंटलमैन कैडेटों के साथ ही सभी सैन्य अधिकारी भी मास्क पहने रहे।

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