जखोली खानसौड के जखोली में कमल व्यूह के मंचन में उमड़ा जनसैलाब-

 

जखोली खानसौड के जखोली में कमल व्यूह के मंचन में उमड़ा जनसैलाब-आस्था के साथ दिखी  परंपरा 




(नीलम कैन्तुरा जखोली)

जखोली ।विकासखंड जखोली मुख्यालय के खानसौड में  पाण्डव लीला समिति जखोली लस्या द्वारा आयोजित कमल व्यूह मंचन को देखने के लिए दूर दराज के गांवों से भीड़ उमड़ पड़ी। पाण्डव लीला समिति जखोली द्वारा आयोजित कमल व्यूह का विधायक प्रतिनिधि भूपेंद्र भण्डारी ने रिबन काटकर शुभारंभ किया है। उन्होंने राज्य वित्त से दो लाख रुपये देने की घोषणा की है।  महाभारत युद्ध के दौरान चक्र व्यूह में अभ्युमन्य की कौरवों द्वारा धोखे से हत्या के बाद अर्जुन प्रतिज्ञा लेते हैं कि वे सूर्यास्त से पूर्व जयद्रथ का वध करेंगे।





 जयद्रथ की सुरक्षा के लिए आचार्य गुरु द्रोणाचार्य कमल व्यूह की रचना करते हैं। युद्ध शुरू होने पर अर्जुन कमल व्यूह के अंदर लड़ते लडते एक द्वार से दूसरे द्वार  तक पहुंच जाते हैं,लेकिन जयद्रथ तक नहीं पहुंच पाते। वक्त बीतता जाता है। भगवान श्रीकृष्ण योगमाया की मदद से सूर्य को छिपा देते हैं। यह देखकर खुश होकर जयद्रथ बाहर निकल आता है,लेकिन अचानक सूर्यदेव प्रकट हो जाते हैं। इस पर कृष्ण अर्जुन से बोलते हैं कि सूर्य अस्त नहीं हुआ है। इसलिए जयद्रथ को मृत्यु के घाट उतार कर अपने प्रतिज्ञा पूर्ण करो। अर्जुन जयद्रथ को मारकर अपने पुत्र की हत्या का बदला लेता है।



इससे पूर्व कलाकार सतीश राणा द्वारा पाण्डव लीला के दौरान शिशुपाल वध,श्रीकृष्ण कर्ण संवाद आदि लीलाओं की प्रस्तुति दी गयी,जिसे ग्रामीणों ने खुब आनंद होकर देखा। इस अवसर मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि भूपेंद्र भण्डारी,आयोजक मण्डल के प्रधानाचार्य शिवसिंह रावत,सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य धूम सिंह चौहान,गोविंद सिंह नेगी,विजेन्द्र मेवाड़,बलवीर चौहान,विक्रम चौहान,हयात सिंह राणा,प्रधान लखपति देवी,नरेंद्र चौहान,अनिल नेगी,सुनील नेगी, अरविंद चौहान,आलोक चौहान,कलाकार सतीश राणा,भरत सिंह चौहान,राजेंद्र सिंह नेगी,कुंवर सिंह चौहान सहित दूर दराज के ग्रामीण मौजूद थे।


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