रणजीत का संगीत में अभिनव प्रयोग ..26वाद्य यंत्रों के साथ तैयार धमाकेदार वीडियो हुआ रिलीज-देखिए पूरा वीडियो

 रणजीत का संगीत में अभिनव प्रयोग ..26वाद्य यंत्रों के साथ तैयार वीडियो हुआ रिलीज-देखिए पूरा वीडियो 

(डी ,के.रिपोर्ट)



 देहरादून-लोकगीतों और लोकनृत्य की विधाएँ आदिकाल से ही चली आर ही हैं। लोक कलाओं में लोकगीत और संगीत, लोकवाद्यों के बिना अधूरे हैं।



 उत्तराखंड में लगभग 36 प्रकार के प्रमुख लोक वाद्य प्रचलित है। जिनकी कुछ श्रेणियाँ इस प्रकार है।कुछ समय पहले ऐसे प्रतित हो रहा था की अब हमारे लोक वाद्य यंत्र विलुप्त होंने कगार पर हैं । लेकिन उत्तराखण्ड के कुछ संगीतकारों लोकगायकों ने अपने गीत संगीत में उत्तराखण्ड के विलुफ्त होते वाद्य यंत्रों को अपने गीतों में प्रमुखता से स्थान दिया जिसे गीत संगीत में निखार तो आया ही साथ में जनता ने भी खूब प्यार दिया।



 एसा अभिनय प्रयोग किया उत्तराखण्ड के जाने माने म्यूजिक डायरेक्टर  रंणजीत सिंह ने उत्तराखण्ड के वाद्य यंत्रों को बढ़ावा देने के लिए। प्रथम उत्तराखण्डी बहु वाद्धय संगम गाजा बाजा की एक विशेष वीडियों तैयार किया बता दें कि यह गीत के ए प्लस स्टूडियों में रिकार्ड हुआ इस गीत के म्यूजिक डायरेक्टर रणजीत ने बताया की  इसमें हमने  24 वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया गया  जिसमें भंकोंर ,शेखर मोर्छग,सिंथसाइजर,माउथ घन वाद्य: वीणाई, कांसे की थाली, मजीरा, घाना/घानी, घुँघरू, केसरी, झांझ, घण्ट, करताल, ख़ंजरी, चिमटा,दमाऊ, हारमोनियम,नगाड़ा,स्नेयर,डुग्गा ,तबला,मेलोडीका वाध्य यंत्रों का प्रयोग किया गया जो लोगों को खूब पसंद आ रहा रणजीत सिंह ने हमेशा अपनी कला को निखारने के लिए और अपनी गीत संगीत को संवारने के लिए और वाद्य यंत्रों को बढ़ावा देने के लिए अभिनव प्रयोग किए इसी में से यह एक प्रयोग है। रज्जी फिल्म के बैनर तले यह गीत 26 जनवरी को रिलीज किया गया जिसमें रिकार्डिस्ट की भूमिका अश्वजीत सिंह, वीडियो मनोज सांमत जैसे संगीत से जुड़े लोगों ने साथ दिया 

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