83 साल के साधु ने राममंदिर निर्माण के लिए दिया 1 करोड़ का महादान-जानिए साधु के बारे में

 महादान: 83 साल के साधु ने राम मंदिर निर्माण के लिए दिए 1 करोड़, 60 सालों से गुफा में रहते हैं संत..


ऋषिकेश: रामनगरी अयोध्या में श्रीराम के मंदिर निर्माण को लेकर भक्तों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। आम जनता हो या साधु-संत, सभी अपनी आस्थानुसार मंदिर के लिए दान दे रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए दान दाताओं की होड़ में करोड़ रुपये देने वालों की सूची में 83 साल के संत का भी नाम जुड़ गया है।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 11 रुपये से लेकर 1,11,11,111 रुपये तक की दान राशि प्राप्त हुई है। इसी क्रम में, ट्रस्ट को ऋषिकेश से भी 1 करोड़ रुपये की सहयोग राशि मिली है। लेकिन यह कोई मामूली दान नहीं है। इसके पीछे की कहानी जान कर आप दंग रह जाएंगे।


ऋषिकेश में एक संत हैं स्‍वामी शंकर दास, जो 60 साल से एक गुफा में रह रहे हैं। जब उन्हें पता चला कि अयोध्या में आखिरकार राम मंदिर का निर्माण होने वाला है, तो वह बहुत खुश हुए। स्‍वामी शंकर दास जी ने मंदिर के लिए 1 करोड़ की सहायता राशि देने का फैसला किया। संत स्‍वामी शंकर दास ऋषिकेश के स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पहुंचे। 


जब संत स्‍वामी शंकर दास ने बैंक के कर्मचारी को 1 करोड़ का चेक थमाया तो सब दंग रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि एक संत इतनी बड़ी राशि दान कर सकते हैं। इसलिए बैंक कर्मचारी ने उनका अकाउंट चेक किया और जांच में यह बात कंफर्म हुई कि उनका चेक गलत नहीं है। इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने आरएसएस के पदाधिकारियों को बुलाया ताकि प्रक्रिया पूरी हो सके।


आरएसएस के पदाधिकारियों ने स्‍वामी को अवगत कराया कि सीधे पैसा दान नहीं कर सकते। जिसके बाद स्वामी ने  चेक आरएसएस के पदाधिकारियों दिया और आरएसएस के पदाधिकारियों ने स्वामी को दान रसीद दे दी। जिसके बाद बैंक मैनेजर ने ट्रस्‍ट के अकाउंट में चेक जमा कर दिया।


83 साल के स्‍वामी शंकर दास को लोग फक्कड़ बाबा के नाम से जानते हैं। फक्कड़ बाबा टाट वाले बाबा के शिष्य हैं और उन्होंने अपना पूरा जीवन गुफाओं में बिताया है। वे 60 साल से दान-दक्षिणा से ही अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अभी तक भक्तों ने टाट वाले बाबा को जितना भी दान दिया है। उसे फक्कड़ बाब जमा करते रहे और अब सारी रकम राम मंदिर के लिए दान में दे दी।


स्‍वामी शंकर दास का कहना है कि वह गुप्त दान करना चाहते थे। लेकिन उन्होंने सोचा कि अगर वह सामने आकर दान करेंगे तो इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और मंदिर निर्माण में सहायता राशि देने के लिए आगे बढ़ेंगे। बाबा ने अपने जीवनभर की कमाई अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के निर्माण के लिए दान कर दी। फक्कड़ बाब ने कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य पूरा हो गया है।

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