जमानु_बदली_ग्यै_फैशन_बणी_ग्यै-युवा कवि विपिन रावत की कविता


जमानु बदली ग्यै फैशन बणी ग्यै, 


युवा कवि विपिन रावत कर्णप्रयाग




हम अपणी रीति-रिवाज़, संस्कार छोड़ी  विदेशी संस्कृति अपनौणा, 

अर विदेशी यख ऐ की हमारी संस्कृति अपनौणा।

परिवार मा बात-विचार, उठण-बैठण सब छूटी ग्यै,

इनै जगा अब टीबी सीरियल अर रियलिटी शो कन ऐ ग्यै। 

पैली परिवार अर गौं-मौ माँ क्या प्रेम रन छ्यो,

अब ता मौ मदद छोड़ी एक दूसरा दिल मा जलन कन ऐ ग्यै। 


पैली जमाना मा घ्युँ-दूध, कोदे रोटी अर झंगोरा कु भात रनु छ्यो,

आज इनै जगा पर मैगी, चाउमीन, बर्गर, मोमोज अर बाज़ारी खाणु कन ऐ ग्यै।

पैली एक दसरे खुद लगनी छ्यै, बाडुली लगनी छ्यै,

अब ता लोग मोबाइल द्वारा अपणी लाइव फ़ोटो अर वीडियो भेजणा,

कख बटि लगनी खुद, कख बटि लगनी बाडुली।


पैली का लोग खौला-मेला मा एक साथ घुमण जाना छ्या,

अब ता लोगु मु अपणी-अपणी कार कन ह्वै ग्यै।

बयौ-पंगत माँ ख़ाण कु मज़ा ही कुछ और छ्यौ,

अब वेगी जगा पर स्टैंडिग सिस्टम कन ह्वै ग्यै।

जमानु बदली ग्यै फैशन बणी ग्यै।


मैरी सभी दोस्तों से गुज़ारिश च, अपणी संस्कृति, रीति-रिवाज़ ते अपनावा, तभी हमारु गौं कु, जिला, राज्य का साथ-साथ देश कु विकास ह्वोलु। #जय_उत्तराखण्ड_जय_भारत 


- विपिन रावत

ग्राम- कालेश्वर

जिला- चमोली

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बहुत बहुत धन्यवाद दीपक जी

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