नई शिक्षा नीति के लिए मुफीद है यह बजटः निशंक

 नई शिक्षा नीति के लिए मुफीद है यह बजटः निशंक

कहा-प्रधानमंत्री मोदी के श्रेष्ठ विजन और वित्तमंत्री की बेहतरीन सोच का प्रतीक



आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा यह बजट

नई दिल्ली। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डाॅ0 रमेश पोखरियाल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट को शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए सर्वथा लाभदायक बताते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। उन्होंने कहा कि भारत के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने जा रही नई शिक्षा नीति को लागू करने में यह बजट सहायक सिद्ध होगा। इसमें शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक प्रावधान सराहनीय हैं। उन्होंने इसे विपरीत हालात में पेश किया गया आदर्श बजट करार देते हुए कहा कि इसमें युवाओं, गरीबों के हितों का ध्यान रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को भी खासा महत्त्व दिया गया है।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री डाॅ0 निशंक ने कहा कि इस बजट में नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को पूरा किए जाने के प्रावधान किए गए हैं। लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोले जाने का प्रावधान किया गया है। इससे देश के दूरस्थ और दुर्गम इलाके के उन बच्चों को सुविधा प्राप्त होगी, जो उच्च शिक्षा के लिए बहुत कठिनाई झेलते थे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र. में शोध को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शोध प्रतिष्ठान की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 50 करोड़ मंजूर किए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन की घोषणा की गई है। इन प्रावधानों से हमारी उच्च शिक्षा नए आयाम हासिल करेगी। देश में 15000 आदर्श विद्यालय खोलने, 100 नए सैनिक स्कूल खोलने और आदिवासी इलाकों में 750 एकलव्य माॅडल आवासीय स्कूलों की लागत बढ़ाने के प्रावधान सराहनीय है। डाॅ0 निशंक ने कहा कि आदर्श विद्यालय योजना के तहत प्रत्येक ब्लाॅक में एक प्राथमिक और एक प्रारंभिक विद्यालय तथा प्रत्येक जिले में एक माध्यमिक और एक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तैयार किया जाएगा। इससे लोगों का महंगे निजी स्कूलों के प्रति मोहभंग हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश का कोई भी बच्चा पैसे की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए अनुसूचित जाति के चार करोड़ विद्यार्थियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये के विशेष फंड की घोषणा की गयी है, ताकि उनके अध्ययन में आने वाली बाधाओं को दूर कर उनके लिए उच्च शिक्षा हासिल करना आसान हो सके। 

डाॅ0 निशंक ने कहा कि शिक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्र के लिए ये महत्त्वपूर्ण प्रावधान देश के विकास के लिए अहम हैं। सड़क, रेल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेती से जुड़े ढांचे पर 5.54 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य बड़ी बात है। उज्ज्वला योजना का विस्तार कर 100 और शहरों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन से जोड़ने से शहरी आम लोगों को बहुत सुविधा होगी। 

डाॅ0 निशंक ने कहा कि यह बजट आम आदमी का बजट है। इसमें स्वास्थ्य के क्षेत्र में 137 फीसदी बढ़ोतरी कर 2.23 लाख करोड़ खर्च किए जाने का प्रावधान यह दर्शाता है कि हमारी सरकार लोगों की सेहत के प्रति कितनी संवेदनशील है। बजट में 11000 किलोमीटर सड़क निर्माण के प्रावधान के माध्यम से आम लोगों को सुविधा दी गयी है। इस बजट में करोना से सबक लिया गया है। यह बजट स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के प्रति श्रेष्ठ विजन और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बेहतरीन प्रबंधनीय सोच का नायाब प्रतीक बताते हुए कहा कि इसके क्रियान्वयन से भारत उत्तरोत्तर विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा।

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