रानीखेत की 3 महिला समूह लंदन और नीदरलैंड में बेच रही हैं खादी मास्क

 रानीखेत की 3 महिला समूह लंदन और नीदरलैंड में बेच रही हैं खादी मास्क 



उत्तराखंड सहकारिता विभाग के सहयोग से उत्तराखंड की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है इसका उदाहरण है रानीखेत की तीन समूह । जागृति स्वयं सहायता समूह, उन्नति स्वयं सहायता समूह, प्रगति स्वयं सहायता समूह  तीन समूह में  57 महिलाएं हैं। पिछले 1 साल से रानीखेत में ₹38000 प्रतिमाह किराया का एक हॉल लेकर वहां मास्क, डायरी आर्टिफिशियल ज्वेलरी, शादी कार्ड बना रही हैं। 


खादी के मास्क की लंदन, नीदरलैंड में बड़ी डिमांड है।

यहां से जरूरत के हिसाब से माफ की सप्लाई हो रही है।

 अल्मोड़ा डिस्टिक कोऑपरेटिव बैंक के जीएम श्री नरेश कुमार ने बताया कि बैंक ने तीन समूह को 5-5 लाख का ऋण दिया है इस पैसे से 57 महिलाएं आजीविका के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रही हैं।और दो और समूह डिमांड के अनुसार इस से जुड़ रहे हैं। उन्हें लोन 5-5 लाख के ऋण और स्वीकृत किए जा रहे हैं। रानीखेत में यह  स्वयं सहायता समूह हिल क्राफ्ट संस्था की छाते  के नीचे काम कर रही है। हिलक्रॉफ्ट संस्था ही विदेशों और प्रदेशों में विपणन का काम करती है लंदन और नीदरलैंड में रानीखेत के मास्क बड़े प्रसिद्ध हो रहे हैं लोग खादी के मार्क पसंद कर रहे हैं। 


स्वयं सहायता समूह को हेड कर रही नीमा पांडे प्रतिभा पांडे ने बताया कि सहकारिता विभाग और बैंकों की योजनाएं उनके जीवन में बदलाव ला रही है वह फालतू नहीं बैठती है कुछ ना कुछ इस पैसे का उपयोग हो रहा है जिससे उनके कारोबार में प्रॉफिट भी आ रहा है और उनका कार्य में मन भी लगा रहता है। वह आत्मनिर्भर बन रही है। 


राज्य के कोऑपरेटिव मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने पिछले दिनों इन महिला समूह के कार्यों का रानीखेत में निरीक्षण किया मंत्री जी ने इन महिलाओं के कामों की प्रशंसा की और कहा कि प्रदेश में और महिलाओं को भी रानीखेत जैसा काम करना चाहिए। वैसे महिला समूह उत्तराखंड में ब्याज मुक्त ऋण पाकर अपने अपने क्षेत्रों में कार्य कर रही है सहकारिता विभाग और कॉपरेटिव बैंक उत्तराखंड में महिलाओं और काम करने वालों के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। 


संपादक UKCDP

Post a Comment

Previous Post Next Post