उत्तराखंड को चार सालों में बहुत कुछ दे गए त्रिवेन्द्र-गैरसैंण को बनाया ग्रीष्मकालीन राजधानी


उत्तराखंड को चार सालों में बहुत कुछ दे गए त्रिवेन्द्र-विकास के लिखे नए आयाम




आज उतराखण्ड की भाजपा सरकार को 4 साल पूरे हो गए हैं। इन चार सालों में साफ सुथरी बेदाग सरकार सबसे बड़ी उपलब्धि है। त्रिवेंद्र की तरह तीरथ का चरित्र बेदाग है। भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की मार है। लेकिन ये भी याद रखें कि 4 साल में.....


1. गैरसैंण (भराड़ीसैंण)  राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनी है।


2. महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार बनाने का ऐतिहासिक फैसला। 


3. मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत अब घर घर घास की गठरी पहुंचाई जाएगी। 


4. अटल आयुष्मान उत्तराखंड  योजना के तहत  2.5 लाख से ज्यादा लोग मुफ्त उपचार करवा चुके हैं।


5. साल 2017 में प्रदेश में 1031 डॉक्टर थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 2400 के करीब हो गई है। 400 डॉक्टरों को केवल कोरोना काल मे ही नियुक्ति दी गई है।


6. हर जिला अस्पताल में ICU की सुविधा है। दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को लाभ देने के लिए 35 अस्पतालों/केन्द्रों में टेली मेडिसिन सुविधा शुरू की गई है। 


7. ग्रामीण संसाधनों से लोकल इकोनॉमी जुटाने का तथा स्वरोजगार से जोड़ने के लिए करीब 107 ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए  हैं। 


8. चार धाम यात्रा के सफल व बेहतर प्रबंधन के लिए चार धाम देवस्थानम बर्ड का गठन किया गया। 


9. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13 जिलों में 13 नए थीम बेस्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। टिहरी झील, गूलरभोज जलाशय, ट्यूलिप गार्डन प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं।


10. बहुप्रतीक्षित डोबरा चांठी पुल जनता को समर्पित किया गया है।


11. ग्रामीण पर्यटन को मजबूत करने के लिए राज्य में 5000 होमस्टे बनाने का लक्ष्य है, जिसमे से अभी तक करीब 2800 होमस्टे बनाये जा चुके हैं।


12. कोरोना के कारण घर लौटे प्रवासियों को घर मे काम देने का प्रयास। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अपना कोई भी काम शुरू करने के लिए ऋण लेने पर 25%तक सब्सिडी दी जा रही है।


13. मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना: इसके तहत घरों में 25 किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाने पर 25% तक सब्सिडी दी जा रही है। आवेदकों से बिजली का बॉयबैक एग्रीमेंट किया जा रहा है।


14. गांव गांव सड़कों का जाल: PMGSY के तहत 17 साल में 7529 KM सड़कें बनी, जबकि मार्च 2017 के बाद  4 साल में 7431KM सड़कें बनाकर रिकॉर्ड कायम किया। गांव गांव सड़क से जुड़ा।


15. ऑल वेडर रोड, भारतमाला के तहत सीमांत सड़कें, पुलों का जाल बिछा। टिहरी के चंबा में सबसे बड़ी टनल तो हरिद्वार (मोतीचूर) में प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर बनाया गया। हल्द्वानी, देहरादून, काशीपुर, हरिद्वार में फ्लाईओवर का जाल बिछा। रामनगर, टिहरी, चिन्यालीसौड़ में शानदार पुल बने।


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