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Sunday, March 21, 2021

शास्त्रीय संगीत पर कार्यशाला सम्पन्न -देखें पूरी खबर

 शास्त्रीय संगीत पर कार्यशाला सम्पन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधा 

                


           शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति के तत्वावधान मैं आयोजित त्रिदिवसीय शास्त्रीय संगीत पर आधारित कार्यशाला का समापन श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर कीर्तन भवन मैं सुप्रसिद्ध गायक पं. विश्वनाथ जी, सुप्रसिद्ध विश्वविख्यात शास्त्रीया गायक पंडित ज़सराज जी के शिष्य श्री मनु महाराज जी, सुप्रसिद्ध शहनाई  वादक श्री भाष्कर नाथ जी (सभी किराना घराना) सुप्रसिद्ध तबला नवाज उस्ताद अथर हुसैन खां साहब (अजराद घराना) की जुगलबन्दी, भजन, शहनाई की प्रस्तुतियां हुई. तानपुरे पर शोधार्थी  योगेश खेतवाल ने संगत दी.

           सर्व प्रथम संस्था के संस्थापक अध्यक्ष- स्वामी एस. चन्द्रा ने संस्था की ओर से अतिथियों का स्वागत पुष्प माला पहना कर किया, इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी श्री दिगम्बर भरत गिरी जी महाराज ने शास्त्रीया गायक पं. विश्वनाथ जी, श्री भास्कर नाथ जी, श्री मनु महाराज जी, उस्ताद  अथर हुसैन खां साहब तथा श्री रजनीश कुमार शर्मा जी को शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया, संस्था  की ओर  से स्वामी एस. चन्द्रा ने गिरी जी महाराज जी को स्मृति चिन्ह भेंट  किया. मुख्य अतिथि मंदिर के पुजारी महाराज जी ने अपने सम्बोधन मैं आशिर्वाद स्वरूप कला ओर भारतीय संस्कृति को सजोने के लिए कहा ओर भगवान भोले बाबा का प्रसाद दिया. 

           भजन संध्या में भगवान भोलेनाथ जी का भज़न सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये, इस अवसर पर अनुप कुमार कौल, आनंद स्वरूप, चन्दन सिंह नेगी, शोधार्थी योगेश खेतवाल, सेवक सिंह, सुरेन्द्र शर्मा, आभिशेख राय, पारस उपाध्याय, अनुप कुमार कौल, श्रीमती गायत्री भंडारी, पूजा चन्द्रा, रज़त कुमार, अभ्यंश चन्द्रा, दामा, आदित्य नय्यर, गोविन्द गुसाई, श्रीमती प्रीति डेनियल, सौरभ अरोरा, श्रीमती मीत,  श्रीमती एवं श्री खेतवाल, अदिती शर्मा, मनीषी शर्मा, नितिन सहित काफी संख्या मै संगीत के शिक्षार्थी ओर गणमान्य उपस्थित रहे. स्वामी एस. चन्द्रा ने कहा कला को संरक्षित करने के उददेश्य से नव युवकों को मंच प्रदान करने के लिए प्रत्येक माह कार्यशाला ओर प्रस्तुति कार्यक्रम का आयोजन करने की कोशिश करेंगे जिससे युवा कलाकारों को आगे बढने का मौका मिल सके. 

           इस अवसर पर संस्था के लोक संग्राहालय में संकलित लोक वाद्य एवं अन्य सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई थी, ज़िसका सभी ने अवलोकन कर  संस्था  के कार्यों की सरहना की.