रूद्रप्रयाग का जखोली ब्लॉक का पालाकुराली गौं मा शुरु ह्वे नई पहल----

 पालाकुराली गौं मा शुरु ह्वे नई पहल----




पालाकुराली गौं का ही नौजवान दगडयौंन अपडि कला रंग कूची से गौं की खाली दीवार मकान मंदिर जीवंत करि दीनिन।

 कोरोना काल की सकारात्मक उपज मा है एक च या पहल----

    शंभू राणा न टीम का सदस्यों दगडि गौं का मठ मंदिर अर गौं का पंचैति भवन मा पेंसिल कूची  की कलाकारी दगडि माटी-थाति की संस्कृति का रंग रंग्यैन।

    दीवार साक्षात लोकसंस्कृति अर लोकविरासत की छ्वीं-बात लांण लैगी।

    लंबा टैम बटि शंभू राणा अर तौंकि टीम का सक्रिय दगड्या भूपेंद्र राणा न मिलीतै कुछ नयु काम शुरु कनै

 दिशा मा सोची अर कोरोना काल बटि पालाकुराली की नैसर्गिक सुन्दरता पर  पालाकुराली पर्यटन की दिशा मा भौत कुछ सोची भी अर जमीन पर करि भी।

    शंभू राणा ,  भूपेंद्र राणा  अर पूरी पहल टीम सदस्यों  न, रंग-कूची लिकरीतै भगवान नरसिंह देवता का मठ बटिन अपडि नवाचार की शुर्वात करि।

    

    येसै पैलि भी राउमावि पालाकुराली की स्कूल तै सजौंणै दिशा मा भी यौंन भौत सराहनीय काम कर्यू च।

      गढवाली भाषा मा ही गौं मा भौत स्लोगन भी लिख्यां छिन,

    ढोल-दमौं की घमाक दगडि तांदी अर मंडाण कर्दा बैखू का ढसका भी दीवार पर बुलांणा छिन।

  पर्यटन दगडि सांस्कृतिक अर साहित्यिक रूप से हमुतै यनि अपडि विरासत भी अगनै ल्यौंण पडली।

      रंग कलाकारी का यन नेक विचार हमारी नै पीढ़ी का दिमाग मा  सद्भौ का दगडि उपजिदि जांणा छिन भौत सारा गौं मा यन पहल शुरु ह्वे  जौंमा नै छ्वाळि अगनै ऐ,

   गौं मुलक का परति यन सद्भौ निस्वार्थ मन मस्तिष्क मा ऐ जौंन त जरूर खंद्वार ह्वोंदि गौं की तस्वीर बदली सकदि।

पालाकुराली पर्यटन का नौं पर भी यख होम स्टे बटिन पंवालीकांठा ट्रैक, बुरांशकांठा ट्रैक, अर स्थानीय पर्यटन तक भी एक बढ़िया कार्ययोजना बणांईं च।

जरूर यन सकारात्मक पहल तै अपडु टैम खपेतै नै पीढ़ी अपड़ि माटी थाति का जळडा पंण्यौणी च।

  

    पालाकुराली की थाति का यन हौंसिया दगड्यों तै भौत भौत बधै भी  अर शुभकामना भी


   -------------@अश्विनी गौड़-----

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