करोना मे कारगर साबित हो सकती है होम्योपैथिक औषधि

 रामरतन सिंह पवांर/जखोली


करोना मे कारगर साबित हो सकती है होम्योपैथिक औषधि

डॉ शैलेन्द्र ममगाईं चिकित्सा अधिकारी


श्रीनगर। श्रीनगर में कोरोना महामारी संक्रमण व इससे बचाव में होम्योपैथी भी कारगर हो रही है। राजकीय उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर के होम्योपैथी विभाग के चिकित्साधिकारी डॉ शैलेंद्र ममगाई ने बताया कि कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए होम्योपैथी दवाओं का लक्षण के अनुसार सेवन करने से लाभकारी परिणाम आ सकते हैं।

कोविड-19 में आने वाले लक्षणों को बहुत हद तक होम्योपैथिक दवाइयों से नियंत्रित किया जा सकता है जिसमें फॉस्फोरस 200, आर्सेनिक एलबम 30, कार्बो वेज 6, ब्रायोनिया एलबम 200 के बहुत ही अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।

कार्बो वेज 6 और 30 पोटेंसी की दवा ऐसे मरीजों में बहुत लाभदायक है जिनको ऑक्सीजन की कमी महसूस हो रही हो। डॉ शैलेंद्र ममगाई ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि लगातार खिड़की दरवाजे खोल के स्वांस लेना और बाहर खुले में जाने की इच्छा होती है,ऑक्सीजन कंसेंट्रेसन कम होने से सायीनोसिस की स्थिति उत्पन्न हो, होंठ और चेहरा नीला पड़ने लगे हीमोग्लोबिन की कमी हो जाए ऐसी परिस्थितियों में कार्बो वेज 6 या 30 दिन में तीन या चार बार दें। 

फास्फोरस 200 पोटेंसी की दवा फेफड़े के बीमारियों में प्रभावकारी होती है और ये ऐसे मरीजों को देना चाहिए जिनको सांस लेने में बहुत दिक्कत होती हो ऐसा प्रतीत होता है कि फेफड़ा काम करना बंद कर दिया हो और फेफड़े में जकड़न हो गई हो लगातार सूखी खांसी आए, ऐसी परिस्थितियों में फास्फोरस 200 दिन में एक या दो बार दे, 3 दिन से ज़्यादा लगातार ना दें। 

ब्रायोनिया एलबम 200 पोटेंसी की दवा में सांस लेने में दिक्कत होना, फेफड़े गले और नाक की म्यूकस मेंब्रेन पूरी तरह से सूखने की स्थिति में सूखी ख़ासी आना, स्वाँस फूलना, फटने वाला सर दर्द, उल्टी महसूस होना, ज़रा भी चलने फिरने में दिक़्क़त बढ़ जाना, कफ निकलने में बहुत दिक्कत आना ऐसे मरीजों को 2 या  3 बार दिया जा सकता है।

आर्सेनिक एलबम 30 एक जीवन रक्षक होम्योपैथिक दवा है। उन्होंने कहा कि  कोविड19 के लक्षणों जैसी बीमारियों में यह एक प्रतिरोधक दवा है। इसमें शरीर में जबरदस्त कमजोरी और बहुत ज्यादा घबराहट होती है लगता है कि वो नहीं बच पाएगा, जरा भी हिलने डुलने में थकान, स्वाँस लेने में दिक़्क़त होना, सिर्फ़ बैठकर ही स्वाँस लेना, लेटते ही स्वाँस फूलना और घबराहट। ऐसी परिस्थितियों में आर्सेनिक एलबम 30 दिन में 2 या 3 बार लेने से बहुत राहत मिल सकती है। कहा कि दवा की खुराक के लिए होम्योपैथिक चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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