सातवें स्वरुप माँ काली रात्री की , की गई पूजा अर्चना

 रामरतन सिह पवांर/जखोली

सातवें स्वरुप माँ काली रात्री की ,

की गई पूजा अर्चना।




जखोली। विकासखंड जखोली की ग्राम बजीरा के शिवदेई मन्दिर में आयोजित नवरात्रि पर्व के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरुप मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गयी।ऐसा माना जाता है कि इनके स्वरुप के अनुसार ही इनका नाम कालरात्रि पड़ा है। क्योंकि इनका वर्ण अंधकार की भांति एकदम काला होता है। बाल बिखरे हुए और गले में माला बिजली की भान्ति देदीप्यमान होती है। इन्हें तमाम आसुरिक शक्तियों के विनाश करने वाली मां काली बताया गया है। इनके तीन नेत्र व चार भुजाएं होती हैं। विद्वान पण्डित आचार्य पं विनोद थपलियाल का कहना है कि मां काली की उपासना करने वाले अकाल मृत्यु से बचते है। उन्होंने कहा कि मां काली के नामोचारण मात्र से ही भूत,प्रेत,राक्षस,दानव,के अलावा सभी देत्य शक्तियाँ भाग जाती हैं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य शिवसिंह रावत ने भक्तों व श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए नवरात्रि समापन पर शिवदेई मन्दिर में अपने ओर से भोज का आयोजन रखा है। उन्होंने सभी भक्त गणों से मां के मन्दिर में उपस्थित होने का आग्रह किया है। मौके पर प्रतिदिन महिला मंगल दल माता के भजन कीर्तन करते हैं। इस अवसर पर आयोजक केदार सिंह राणा,प्रधानाचार्य शिवसिंह रावत,सतीश राणा,पं.कमल नयन थपलियाल,पं देवेश्वर प्रसाद थपलियाल,बीरेंद्र सिंह राणा,पूर्व प्रधान जीत सिंह राणा,शूरवीर सिंह,हिमांशु राणा,विजयलक्ष्मी,मोर सिंह पुण्डीर सहित महिला मंगल दल की टीम आदि मौजूद थे।

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