बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली ने किया शीतकालीन गद्दी स्थल उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान

 

1- बाबा केदारनाथ की डोली आज 14 मई 2021 को प्रातः 7 बजे हुई शीतकालीन  गददीस्थल उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान हुई डोली

2-कल देर रात बाबा के अग्रिम बीर बाबा भैरवनाथ की पूजा अर्चना की गयी। 

3-कोरोना काल को देखते हुए डोली पंच गददीस्थल उखीमठ से वाहन में रखकर ले जाया गया। 

4-आज विघि- विघान पूजा अर्चना के बाद डोली को उखीमठ से प्रस्थान किया गया।

5-आज डोली रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुण्ड़ रहेगी। कल डोली गौरीकुंड से केदारनाथ रात्रि प्रवास 16 को भी डोली केदारनाथ में विश्राम व प्रवास करने के बाद 17 मई को बाबा के कपाट खोल दिये जायेगे।  




रूद्रप्रयाग -ऊखीमठ। आज प्रातः सात बजे बाबा केदारनाथ की डोली धाम के लिए रवाना होगई। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर डोली को ऊखीमठ से वाहन में रखकर ले जाया जाएगा। वहीं गुरुवार को देर सांय ओंकारेश्वर मन्दिर में भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा अर्चना सम्पन्न की गयी।  केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग मुख्य पुजारी वागेशलिंग व अन्य पुजारियों द्वारा बाबा भैरवनाथ की यह पूजा अर्चना की गयी। इसके साथ ही भगवान केदारनाथ के कपाट खोलने की विधिवत तैयारी का शुभारंभ हो गया है। पूर्व परम्परानुसार प्रतिवर्ष चल विग्रह उत्सव डोली का केदारनाथ धाम प्रस्थान से पूर्व संध्या पर भैरवनाथ की विशिष्ट पूजा अर्चना की गयी।  बाबा भैरवनाथ मन्दिर में केदारनाथ के मुख्य पुजारी वागेश लिंग द्वारा भैरवनाथ का दूधएदहीएघीएचीनी व शहद से महाभिषेक पूजन किया गया जिसके बाद बुराँस की फूल मालाओंएजौ की हरियाली से बाबा की मूर्तिका श्रृंगार किया गया और नए गेंहू से निर्मित आटे की पूरी व पकोड़ों की माला को भोग के रूप में चढ़ाया गया। ततपश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुजारियों द्वारा अष्टादश आरती से बाबा की विशेष पूजा अर्चना की गई। भैरवनाथ को  केदारनाथ का आगवानी वीर कहा जाता है। यात्रा निर्विघ्नता पूर्वक सम्पन्न हो व क्षेत्र में सुख समृद्धि व खुशहाली के लिए भैरवनाथ की महाभिषेक पूजा की जाती है। वहीं कोरोना संक्रमण को देखते हुए पूजा में केवल पुजारी और वेदपाठी ही शामिल रहे।


आज रवाना होगी बाबा केदारनाथ की चलविग्रह डोली। पहले दिन भगवान की डोली गौरीकुंड स्थित गौरीमाई के मंदिर में रात्रि विश्राम के लिए पहुँचेगीएजिसके बाद शनिवार को डोली केदारनाथ धाम में पहुंचेगी एवं सोमवार को प्रातः पांच बजे मेष लग्न में मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।

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