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Monday, June 21, 2021

Video_पौड़ी थली सैंण के दिब्यांग ने पीएम मोदी से लगाई गुहार-टपकती छत और गीले विस्तरों में सोने को मजबूर ये दिब्यांग-शासन प्रशासन से 18 साल से लगा रहा चंदन सिंह रावत गुहार

 कोई तो सुने दिव्यांग चंदन सिंह रावत की पुकार-बरसात में टपकती छत में रहने के लिए मजबूर चंदन 

कुलदीप सिंह बिष्ट, पौड़ी

दिब्यांग चंदन सिंह रावत,मदद की गुहार लगाते हुए


पौड़ी। विकास खंड थलीसैण के डडोली मल्ली गांव के दिव्यांग ग्रामीण की गुहार कोई नहीं सुन रहा है। दिव्यांग के घर की छत जर्जर बनी हुई है। बारिश होते ही घर की छत से पानी रिसता रहता है। जिससे वे गीले बिस्तर में ही सोने को मजबूर रहते हैं। दिव्यांग का कहना है कि वे प्रधान, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत सदस्य से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन कोई मेरी सुध लेने को तैयार नहीं है। वहीं ग्राम प्रधान का कहना है कि दिव्यांग व्यक्ति के घर की छत छालने के लिए पंचायत प्रशासन तैयार है, लेकिन वे नया घर बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो



विकास खंड थलीसैण के डडोली मल्ली गांव में दिव्यांग चंदन सिंह रावत रहते हैं। वे दोनों आंखों से दिव्यांग हैं। दिव्यांग चंदन का कहना है‌ कि मेरे घर (छोटी सी कोठरी) की छत जर्जर हो चुुकी है। मैं विगत 20 वर्षों से नया घर बनवाए जाने की मांग कर रहा हूं। लेकिन कोई मेरी सुध लेने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य से लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत से गुहार लगाई गई है। चंदन ने कहा कि हर कोई चुनाव में मतदान के समय मुझे नया आशियाना दिलाए जाने का भरोसा देता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद किसी ने भी मेरी समस्या का समाधान आज तक नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश के लिए अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड सरकार कैसी है, जो एक दिव्यांग की समस्या का समाधान तक नहीं कर पा रही है। दूसरी ओर किसी ग्रामीण ने दिव्यांग चंदन सिंह के जर्जर घर, बारिश से टपकती छत की दुर्दशा का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल किया है। वीडियो में दिव्यांग सरकार से गुहार लगा रहे हैं। वहीं ग्राम प्रधान डडोली मल्ली गोविंद सिंह ने बताया कि दिव्यांग की मदद के लिए पंचायत प्रशासन ने घर की छत डाले जाने का प्रयास किया, लेकिन दिव्यांग ने मना कर दिया। कहा कि दिव्यांग नया घर बनाए जाने की मांग कर रहे हैं, जो पंचायत प्रशासन नहीं कर पा रहा है। हालांकि पीएम आवास योजना में उन्हें घर दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग पेंशन, निशुल्क राशन, महामारी के दौरान लगातार उनकी मदद पंचायत प्रशासन ने की है।