शोध में नवाचार एवम रचनात्मकता उत्पन्न करने के लिये आठ सप्ताह का ऑनलाइन ग्रीष्मकालीन ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ*

 *शोध में नवाचार एवम रचनात्मकता उत्पन्न करने के लिये आठ सप्ताह का ऑनलाइन ग्रीष्मकालीन ट्रेनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ*

(रैबार पहाड़ स्पेशल डेस्क)



 श्रीनगर-   इंस्टिट्यूट इनोवेशन सेल,हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, उत्तराखंड द्वारा  8 सप्ताह का ग्रीष्मकालीन ऑनलाइन इंटर्नशिप कोर्स का आयोजन शुभारंभ किया गया ।यह कोर्स 1 जून से आरम्भ होकर 26 जुलाई  (8 सप्ताह) तक ऑनलाइन चलेगा। उदघाटन सत्र की सुरूवात कार्यक्रम के संयोजक डॉ आलोक सागर गौतम द्वारा किया गया।इन्होंने अब तक आई आई सी सेल द्वारा सम्पन कराए गए कार्यक्रमो को लघु वीडियो के माध्यम से अवगत कराया। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में गढ़वाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एस.पी. सिंह थे. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोग्राम से शोध में नए नए इनोवेटिव आइडियाज के साथ बढ़ावा मिलेगा। साथ में यह भी बताया कि कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन माध्यम से  हम विश्वविद्यालय में इन नए नए अकादमिक क्षेत्रों में कैसे कार्य करके आगे बढ़ सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अन्नपूर्णा नौटियाल जी ने इस कार्यक्रम के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि ऐसे  कार्यक्रम के होने से छात्रों ,स्कॉलरो व शिक्षकों में उत्साह बढ़ेगा ।तथा निश्चय ही उत्कर्ष व नए-नए शोध में नवाचार एवं रचनात्मक कार्यों  की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस कार्यक्रम से नए इन्नोवेटिव आईडियाज आने में मदद मिलेगी तथा इसका पेटेंट भी कराया जा सकेगा । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि  पूर्व आई. सी .एल. यस .ऑफिसर व मैनेजमेंट गुरु प्रोफेसर यस.पी. काला जी ने अपने व्याख्यान में बताया कि ग्रीष्म कालीन ट्रेनिंग प्रोग्राम कराने से छात्रों को अपने अपने  विषय में शोध ,व रिसर्च पेपर जैसे कार्य मे उत्साह आएगा। कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में आई आइ सी के बाह्य समन्वयक श्री महिपाल सिंह रावत व टूरिज्म के श्री पवन कोठियाल जी ने भी इस प्रोग्राम के प्रति अपने अपने विचार रखे। इन्होंने अपने व्याख्यान में यह बताया कि हम नए नए आइडियाज और इनोवेशन को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं।पर्वतीय व हिमालयन रीजन में भी नए नए योजनाओं के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।अध्यक्षीय भाषण आई आई सी सेल के निदेशक प्रोफेसर अतुल ध्यानी द्वारा दिया गया।उन्होंने   कहा कि इस तरह के इंटर्नशिप प्रोग्राम से शोध के दिशा में बढ़ावा मिलेगा ।  विश्वविद्यालय में इस तरह के प्रथम बार ऐसे कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में कुल 567 आवेदन शिक्षकों ,रिसर्च स्कॉलर,  पी.जी .व यू.जी. के छात्र/छात्राओं द्वारा देश के विभिन्न विष्वविद्यालयों, कॉलेजों से प्राप्त हुवे जिसमे  से 201 प्रतिभागियों का कार्यक्रम हेतु चयन किया गया । इस कार्यक्रम में कुल 28 विषयों पर इंटर्नशिप कार्यक्रम विश्वविद्यालय के 32 प्रोफेसरों, सहायक प्रोफेसरों द्वारा 8 सप्ताह तक मेंटर के रूप में  अपने अपने चयनित प्रतिभागियों को उनके टॉपिकों पर जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक सप्ताह रिसोर्स पर्सन द्वारा विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन लेक्चर भी सम्पन्न करवाया जाएगा।  अंत में कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त रूप से  कार्यक्रम के मेंबर व संयोजक  डॉक्टर आलोक सागर गौतम  और डॉ सुधीर कुमार चतुर्वेदी द्वारा दिया गया ।कार्यक्रम का संचालन आईआईसी सेल के सदस्य डॉ श्वेता वर्मा द्वारा किया गया ।उद्घाटन सत्र में सभी प्रतिभागी व कार्यक्रम समन्वयक  डॉ सुधीर कुमार चतुर्वेदी ,डॉ विनीत मौर्य ,डॉ अक्षिता, डॉ सुरेंद्र बेरा,डॉ छात्र समन्वयक निखिल, वीर ,अंशुल देवली,संजीव सिंह रावत इत्यादि उपस्थित थे।

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