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Thursday, June 24, 2021

रुद्रप्रयाग और रूद्रप्रयाग की जनता के लिए नासूर बना बद्रीनाथ हाईवे-देखिए वीडियो


  •  रुद्रप्रयाग की जनता के लिए नासूर बना बद्रीनाथ हाईवे
  • आये दिन राजमार्ग पर पहाड़ी से हो रहा भूस्खलन, घंटो लग रहा जाम  
  • नरकोटा और खांखरा में राजमार्ग बना अंति संवेदनशील




रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग रुद्रप्रयाग और चमोली जिले की जनता के लिए नासूर बन गया है। आये दिन राजमार्ग पर जगह-जगह बोल्डर गिरने के साथ ही मलबा आ रहा है, जिस कारण यातायात घंटों बाधित हो रहा है। ऐसे में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी समय पर नहीं हो पा रही है। इसके अलावा राजमार्ग के कई जगहों पर लाखों की लागत से निर्मित पुस्ते भी ध्वस्त हो गए हैं, जिस कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहली ही बरसात में इन पुस्तों के ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं।


             मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग


बता दें कि आॅल वेदर कार्य के चलते ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे श्रीनगर से रुद्रप्रयाग के बीच कई जगहों पर जानलेवा बन गया है। राजमार्ग पर जगह-जगह पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिर रहा है, जिस कारण घंटों जाम लग रहा है। श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच सिरोबगड़, नरकोटा, खांखरा में राजमार्ग भूस्खलन जोन बन गया है। बीते एक माह से पहाड़ी से आए दिन गिर रहे मलबा व बोल्डर से यातायात घंटों यातायात बाधित हो रहा है। इस समस्या से जहां लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, रुद्रप्रयाग व चमोली जिले में आवश्यक सामान की पूर्ति पर भी व्यापक असर पड़ रहा है। 


         आयुष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग 

जिला मुख्यालय से आठ किमी दूर बदरीनाथ हाईवे पर नरकोटा और खांखरा में नया डेंजर जोन बना है, जो अति संवेदनशील है। बीते 31 मई को पहाड़ी से चालीस मीटर क्षेत्र में भूस्खलन हो गया था। साथ ही हाईवे का बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया था। तब, से हाईवे की स्थिति दयनीय बनी हुई है। दरअसल, ऑलवेदर रोड परियोजना में कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों के विपरित कार्य करने से यह स्थिति पैदा हुई है। हाईवे के  चौड़ीकरण  में मशीनों से कटिंग के बजाय विस्फोट किया गया, जिस कारण पहाड़ी पर दरारें पडने से भूस्खलन हो रहा है। तब, से क्षेत्र में हल्की बारिश में भी पहाड़ी से मलबा व पत्थर गिर रहे हैं, जिससे घंटों यातायात प्रभावित हो रहा है। जिस कारण रुद्रप्रयाग व चमोली जिले में दूध, सब्जी, अखबार सहित अन्य जरूरी सामग्री की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा हाईवे पर लगाये जा रहे पुस्तों में भी घटिया सामग्री का प्रयोग हो रहा है, जिस कारण ये पुस्ते एक ही बरसात में ढह रहे हैं। हाईवे के कई जगहों पर लाखों की लागत से लगाये गये पुस्ते धराशायी हो गए हैं। इन पुस्तों के ढहने से राजमार्ग पर सफर करना किसी खतरे से खाली नहीं है।

जिलाधिकारी ने कहा कि बद्रीनाथ हाईवे पर डेंजर जोन वाले स्थानों का ट्रीटमेंट किया जा रहा है। यहां पर आये दिन राजमार्ग बाधित हो रहा है। ऐसे में तीन से चार घंटे के भीतर राजमार्ग को खोलने के प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही हाईवे पर ध्वस्त हुए पुस्तों की जांच के लिए विभाग को निर्देश दिए गए हैं।

वहीं पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि बद्रीनाथ हाईवे बंद होने की स्थिति में राजमार्ग पर पुलिस जवानों की तैनाती कर दी जाती है। राजमार्ग के दोनों ओर पुलिस जवान तैनात किये जा रहे हैं और लोगों को दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है। इसके अलावा राजमार्ग पर फंसे लोगों के लिए खाने और पीने की भी व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि कि हाईवे पर हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है, जिससे आगामी दिनों में शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न उठानी पड़े।