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Monday, June 21, 2021

शासन-प्रशासन की लापरवाही का डंक झेल ने को मजबूर है राशनकार्ड धारक..इस वजह से नही मिल पा रहा सरकारी राशन का लाभ.

 रामरतन सिह पवांर/जखोली



  • शासन-प्रशासन की लापरवाही  का डंक  झेल ने को मजबूर है   राशनकार्ड धारक..इस वजह से नही मिल पा रहा सरकारी राशन का लाभ.
  • जिलापूर्ति कार्यालय मे बैठे अधिकारी व कर्मचारियों पर कार्ड धारको के आधार लिंक न होने से 
  • सैकड़ो परिवारों को नही मिल रहा है सस्ते राशन का लाभ, जिसमे अधिकतर अन्त्योदय व बी पी एल शामिल
  • राशनकार्डों को लेकर जनता ने लगये जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप.....

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ और सुप्रवाही बनाए जाने का सरकार व सरकारी तंत्र चाहिए

रामरतन सिह पवांर/जखोली



रूद्रप्रयाग-कितना भी दावा क्यों न करे लेकिन इस प्रणाली से जनता बिल्कुल भी खुश नही है,आखिर आज तक जनता की समझ मे ये बात नही आयी है कि सरकार राशनकार्ड उपभोक्ताओं को क्या क्या सुविधाएं दे रही है।ये सवाल अभी भी जनता को. भ्रमित कर रहा है ,आपको बता दे कि वर्ष 2013-14 मे राशनकार्ड बनाने की प्रक्रिया ग्राम पंचायतों की खुली बैठक मे किया जाता था लेकिन जब से सरकार ने इस प्रक्रिया को ग्राम पंचायतों से हटा कर अपने हाथो मे लिया है तब से राशनकार्ड धारको को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है आये दिन लोग अपने राशनकार्ड को लेकर कभी जिलापूर्ति अधिकारी के कार्यालय तो कभी जिलाधिकारी के कार्यालय का चक्कर काट रहे है।

हर बार राशनकार्ड उपभोक्ताओं से आधार कार्ड, बैक पासबुक इत्यादि जिलापूर्ति अधिकारी से माँगे जा है जिससे कि सस्ता गल्ला बिक्रेता विभाग व सरकार के इस रवैया से परेशान है। विदित हो कि जनपद रूद्रप्रयाग सहित जखोली, उखीमठ अगस्त्यमुनि यानि तीनो विकासखंडो मे सरकार द्वारा राशनकार्ड धारको को सरकारी सस्ते गल्ले के माध्यम मे मिलने वाला खाधान की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा ,सैकड़ों राशनकार्ड धारको के आधार कार्ड लिंक न होने के कारण राशन कार्ड मे दर्ज यूनिटो को बंद कर दिया गया है बता दे कि कोरोना महामारी के चलते पूरे देश मे लाँकडाउन का सामना कर रहे सैकड़ों प्रवासी जो अपनी और अपने परिवार के भरण पोषण करने हेतू होटलों, फैक्ट्रियों, दफ्तरों मे बहारी राज्यों मे काम करने गये वे भी आज गाँवो मे बेरोजगार पड़े है इसमे भी कई परिवार ऐसे है जिनकी आर्थिक स्थिति दयनीय है, और इन परिवारों के किसी के बी पी एल,

अन्त्योदय के राशनकार्ड बने थे जिस पर इन परिवारों को अपने परिवार के सदस्यों के भरण पोषण के लिए सस्ता राशन मिलता था लेकिन सरकार और सरकारी तंत्र की लापरवाही के चलते राशनकार्ड धारको के आधारकार्डो को जिलापूर्ति कार्यालय मे बार जमा करने पर आधारकार्डो को यूनिटो से लिंक नही किया गया जिस कारण से सारे राशनकार्ड बंद हो गये वल्कि यही ही नही कुछ राशन कार्ड को जिलापूर्ति कार्यालय मे बैठे कर्मचारियों के गलत कार्य प्रणाली के चलते राशनकार्ड को डिलीट मार दिया गया जिस कारण से आज उन परिवारों को माह जनवरी से राशन मिलने से वंचित कर दिया अवगत करा दे कि जखोली के त्यूँखर गाँव की केदारी देबी का कहना है कि मेरा राशनकार्ड अन्त्योदय का बना था था लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते कार्ड को डिलीट कर दिया , वही सूरबीर सिह पवांर,श्रीमती लौंगा देबी,उदय सिह रावत, बलबीर सिंह पवांर, मनोज सिह, सहित त्यूँखर गाँव मे दर्जन भर से उपर राशन कर्डो को खाद्य विभाग ने डिलीट कर दिया अब इन परिवारों को छः माह से सरकारी राशन का लाभ नही मिल पा रहा पीड़ित परिवारो का ये भी कहना है कि शूरुआती दौड़ मे जैसे हमे अपने राशनकार्ड बंद होने की सूचना मिली तो हमने तुरन्त ही अपने आँनलाइन से समन्धित प्रमाण पत्र जिलापूर्ति कार्यालय रुद्रप्रयाग मे दिये गये थे लेकिन कार्यालय मे तैनात कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रमाण पत्रों को खो दिया , कोरोनो के दौरान सरकार द्वारा निशुल्क दिये जाने वाला राशन से भी इन परिवारो को वंचित रखा गया आज इन परिवारों के सामने भूखमरी की नौबत आ गयी है ,राशनकार्ड बंद का मामला एक ही गाँव मे  नही वल्कि जखोली के लुठियाग, बुढना,गोर्ती, महर गाँव.कोटी ,मखेत  सहित दर्जनों गाँवो की समस्या है 

  आखिर सरकार की इस प्रणाली पर सवालिया निशान उठने शूरू हो गये है।