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Monday, June 14, 2021

जान्हवी जोशी-साहित्य जगत में उदीयमान एक दैदीप्यमान नवोदित संभावना

*जीवन सूत्र*-- *जान्हवी जोशी* *

*साहित्य जगत में उदीयमान एक दैदीप्यमान नवोदित संभावना*



 रैबार पहाड़ का-ऐसे समय में जब दुनिया हर कोने से उथल-पुथल, महामारी, अलगाव, नकारात्मकता और निराशा का सामना कर रही थी, जब करने के लिए कुछ भी उत्पादक नहीं था और हमारे दिमाग को सकारात्मकता की ओर मोड़ना बहुत कठिन हो रहा था,तब साहित्य जगत के आकाश में सूर्य की भांति उदीयमान इस नवोदित लेखिका ने अपनी पहली पुस्तक द्वारा ही सम्पूर्ण विश्व को प्रकाशित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखा । 

लेखिका के अनुसार इस पुस्तक की शुरुआत और फिर  इसके सृजन की सम्पूर्ण प्रक्रिया ने उन्हें जीवन के प्रति अटूट आस्था और  आशा के नए आयामों से परिचित कराया।  यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि "जीवन सूत्र" नामक यह किताब एक अद्भुत और अकल्पनीय रचना है और आज की परिस्थितियों में यह एक आशा की किरण की तरह है , जिसकी रचना ईश्वरीय प्रेरणा और आशीर्वाद के बिना संभव नहीं हो सकती थी। 


*जीवन सूत्र* एक प्रेरणादायी स्वयं सहायता पुस्तक है जिसमें जीवन जीने की अद्भुत शिक्षाओं के साथ-साथ  मृत्यु, प्रेम, परिवर्तन, सचेतन, प्रकृति, आशा, प्रेरणा, जीवन की अलौकिकता, आदि विषयों पर आधारित 50 लेखों और कविताओं का संकलन है। यह मूल रूप से उन लोगों के लिए आशा की किरण है जिन्होंने परिस्थितिवश जीवन के प्रति विश्वास और सकारात्मकता को छोड़ दिया है। यह पुस्तक इसमें वर्णित विभिन्न विषयों के लिए हर संभव एक नया आशावादी दृष्टिकोण देती है । इस में लेखिका ने यह भी संदेश देने की कोशिश की है कि हम सभी इंसान हैं और जब तक हममें अपनी गलतियों से सीख लेने उन्हें दूर करने के लिए प्रतिबद्धता है, तब तक नकारात्मक भावनाओं को रखना, गलतियाँ करना, पतन का सामना करना और अपनी कमियों को स्वीकार करने में कोई अहित नहीं है।  क्योंकि इसके फलस्वरूप  हमें एक बेहतर कल की ओर बढ़ने और हर दिन खुद के बेहतर संस्करण के रूप में उठने की प्रेरणा मिल रही है।


यह पुस्तक एक ऐसी युवा प्रेरक , ऊर्जावान और सकारात्मक शख्सियत द्वारा लिखी गई है जो जीवन में भ्रम और वास्तविकता, अलौकिकता और पारलौकिकता, कठिनाइयों और चमत्कारों के सह-अस्तित्व में विश्वास करती  है, जिसके पास आस्था और विश्वास करने की क्षमता और इसकी प्रामाणिकता को साबित करने का दृढ़ निश्चय व लगन है और जो आसानी से हार नहीं मानती । लेखिका "जान्हवी जोशी" दिल्ली की एक युवा इंजीनियरिंग की छात्रा हैं, जिन्हें ईश्वरीय कृपा से साहित्य सृजन का आशीर्वाद मिला है और उन्हें बचपन से ही लिखने का बड़ा शौक रहा है । "जीवन सूत्र" उनकी पहली किताब है। इसके अलावा जान्हवी एक प्रशिक्षित कथक नृत्यांगना भी हैं।  वह एक गैर सरकारी संगठन 'वंडर्स इंडिया' से भी जुड़ी हुई हैं, और समाज कल्याण के विभिन्न कार्यों में  एक सक्रिय स्वयंसेवक की तरह कार्यरत रही हैं। जान्हवी जोशी  ना सिर्फ युवाओं के लिए बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक प्रेरणादायी व्यक्तिव के रूप में अपनी जगह बनाने में सफल रही हैं और साथ ही साथ वो भविष्य के लिए भी असीम संभावनाएं जगाती हैं। एकमात्र यह किताब ही नहीं, उनकी कहानी भी ऐसे कई लोगों के लिए प्रेरणा है जो कोरोना काल में फंस गए हैं और महत्वहीन बाधाओं के कारण अपने सपनों को पूरा करने का निश्चय छोड़ बैठे है।यह पुस्तक निश्चित रूप से जीवन जीने के तरीके पर आपके दृष्टिकोण को कम से कम किसी एक तरीके से बदल देगी । और समाज के प्रत्येक वर्ग या आयु वर्ग के लिए इस पुस्तक से कम से कम एक पसंदीदा अध्याय होना निश्चित है।


यह पुस्तक फ्लिपकार्ट, अमेज़ॅन और नोशन प्रेस पर पेपरबैक संस्करण के साथ ही किंडल संस्करण के रूप में भी उपलब्ध है।https://linktr.ee/dontbejayjay 


पुस्तक के कुछ अंश नीचे दिए हुए लिंक पर निशुल्क उपलब्ध हैं जिनको पढ़ कर इस किताब में  दी गई शिक्षाओं के गहन अर्थ का अंदाज लगाया जा सकता है। 


https://notionpress.com/read-instantly/1348979