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Tuesday, June 29, 2021

भैरव सेना ने फूँका मौलाना फैजान रजा का पुतला और पुतले को पहनायी जूतो की माला

 रामरतन सिह पवांर

भैरव सेना ने फूँका मौलाना फैजान रजा का पुतला और पुतले को पहनायी जूतो की माला

मौलाना फैजान रजा ने सोशल मीडिया पर स्वामी दर्शन भारती के सर कलम करने बात



देहरादून-  भैरव सेना के आक्रोशित कार्यकर्ता एवं जिला संयोजक सौरभ पार्छा के नेतृत्व में कनक चौक पर एकत्र हुए। वहां से मौलाना फैजान रजा का पुतला घसीटते हुए जूतों की माला डालकर उग्र नारेबाजी करते हुए लैंसडाउन चौक पर पहुंचे, और आक्रोशित हो पुतले को आग लगा दी।

      भैरव सेना संगठन के अध्यक्ष संदीप खत्री ने मुख्यमंत्री उत्तराखंड से मांग करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप करते हुए। अपने उत्तराखंड के नागरिक की रक्षा हेतु कदम उठाने चाहिए और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मौलाना फैजान रजा के लिए रासुका के साथ भारत के संविधान का उल्लंघन कर किसी वरिष्ठ व्यक्ति के लिए उसका सिर कलम कर एक करोड़ का इनाम रखने पर सख्त से सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर फांसी पर लटकाने की पैरवी करनी चाहिए। साथ ही भैरव सेना अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा कि यदि मौलाना फैजान रजा पर कठोर से कठोर दंडात्मक कार्यवाही नहीं हुई तो संगठन के कार्यकर्ता आंदोलन करने के लिए पूरे उत्तराखंड में अपने आप को स्वतंत्र समझेंगे। वहीं संगठन के गढ़वाल समरसता प्रमुख संजीव टांक ने कहा कि भारत का संविधान सभी को जीने का अधिकार देता है। और ऐसे मौलाना जो अपनी राजनीति को चमकाने के लिए फतवा जारी करने का एलान करते हैं वह कहीं ना कहीं देश का धार्मिक माहौल बिगड़ना चाहते हैं।

      भैंरव सेना के प्रदेश महासचिव आचार्य उमाकांत भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि सनातन संस्कृति का उद्गम स्थल है और ऐसे राज्य में अपनी संस्कृति और धरोहरों की रक्षा हेतु अपना पूरा जीवन समर्पण करने वाले स्वामी दर्शन भारती सरीखे उत्तराखंड की धरोहर को खुलेआम, खुले मंच से जान से मारने की फिरौती देने वाले मौलाना जैसे व्यक्तियों को इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है।

     राहुल सूद के कथनानुसार ऐसे व्यक्तियों पर कठोर से कठोर कार्यवाही होने पर ही अन्य लोगों के लिए सबक होगा नहीं तो आगे और मौलाना भी देश विरोधी गतिविधियों को करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। विरोध प्रदर्शन में संदीप खत्री, उमाकांत भट्ट, अशोक पंडित, हिमांशु मल्होत्रा, शैलेंद्र डोभाल, अनु राजपूत, राहुल सूद, अंकुर किरवान, पीयूष प्रकाश, रोहन, रवि कुमार दर्जनो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।