डॉ हरक सिंह रावत की मेहनत रंग लाई-लालढांग-चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग को मिली हरी झंडी-


  •  रावत सरकार की बड़ी कामयाबी राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा लालढांग-चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग को दी हरी झंडी-डॉ.हरक सिंह रावत का प्रयास रंग लाया



  • रैबार पहाड़ का- लैन्सडौन वन प्रभाग क्षेत्रफल की 1898 में स्थापना हुई। लैन्सडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज के 7925,90 है0 क्षेत्रफल को राजाजी टाईगर रिजर्व का बफर क्षेत्र घोषित किया गया, जिसके अन्तर्गत लालढांग-चिल्लरखार मोटर मार्ग सम्मिलित है। इस वन प्रभाग के अन्तर्गत वर्ष 1915 लालढांग चिल्लरखाल कोट रोड आरम्भ हुई जो वर्ष 1970 में लालढांग चिल्लरखाल कच्चे मार्ग में तबदील हो गया। लैन्सडौन वन प्रभाग की कार्ययोजना में 1980 से पूर्व लालढांग चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग का उल्लेख हैं, जो वन संरक्षण अधिनियम, 1980 से पूर्व का है।
  • उत्तराखण्ड शासन वन एवं पर्यावरण अनुभाग-2 की अधिसूचना दिनांक 18-04-2015 द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 38V (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लैन्सडौन वन प्रभाग की लालढांग रेंज के 7925.90 है0 क्षेत्रफल को राजाजी टाईगर रिजर्व का बफर क्षेत्र घोषित किया गया, जिसके अन्तर्गत लालढांग-चिल्लरखार मोटर मार्ग सम्मिलित है।


  • पूर्व निर्मित लालढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग में लालढांग से चमरिया सोक तक एवं सिगड्डीसोक से चिल्लरखाल तक ब्लैक टॉपिंग हेतु वन भूमि का गैर वानिकी कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग को प्रत्यावेदन सम्बन्धी शासनादेश दिसम्बर 2018 में निर्गत हुये।


  • एन०टी०सी०ए०, भारत सरकार द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में मार्च 2019 में ब्लैक टॉपिंग निर्माण कार्य को स्थगित किया गया। इसके उपरान्त मा० उच्चतम न्यायालय के द्वारा वन मोटर के निर्माण को तत्काल रोकने के आदेश पारित किये गये वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत सक्ष्म स्तर से अनुमोदन प्राप्त कर मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु निर्देश दिये गये।


  • लालढांग चिल्लरखाल वन मोटर मार्ग हेतु राज्य सरकार एवं वन विभाग के द्वारा अनवरत अथक प्रयास किये गये। इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा लगातार पत्राचार के द्वारा भारत सरकार के समक्ष स्थिति स्पष्ट की गयी। भारत सरकार द्वारा मोटर मार्ग पर स्पष्ट रिपोर्ट देने के लिये डा० आर० सुकुमार की अध्यक्षता में 05 सदस्यीय समिति गठित की गयी, जिसमें एन०टी०सी०ए० एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञ सदस्य के रूप में सम्मिलित थे तथा उनके द्वारा दिनांक 31 मार्च 2021 द्वार रिपोर्ट प्रेषित की गयी।


  • मा० मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत जी के नेतृत्व व मा० वन मंत्री जी डा० हरक सिंह रावत जी के द्वारा स्थानीय जनहित (जिसमें आस-पास के 17 गांव सम्मिलित है) एवं कोविड-19 की परिस्थितियों के दृष्टिगत मोटर मार्ग हेतु विशेष प्रयास किये गये।


  • मा० केन्द्रीय वन मंत्री भारत सरकार की अध्यक्षता में दिनांक 11 जून 2021 को आहूत बैठक में मा० वन मंत्री डा० हरक सिंह रावत द्वारा उक्त वन मोटर मार्ग के इतिहास एवं लालढांग से चिल्लरखाल जाने हेतु उत्तरप्रदेश से जाने की कठिनता के दृष्टिगत एवं वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को मध्यनजर रखते हुये वन मोटर मार्ग की पुरजोर पैरवी की गयी। उक्त के दृष्टिगत एवं समिति की रिपोर्ट के आधार पर NBWL. बोर्ड द्वारा कतिपय नियम एवं शर्तों के साथ सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। वन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा वन एवं वन्यजीवों की सु को सर्वोपरी रखते हुये उक्तानुसार कार्य किया जायेगा।

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