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Sunday, July 18, 2021

पौड़ी विधायक मुकेश कोली का एक माह के भीतर दूसरी बार हुआ विरोध प्रदर्शन-देखें वीडियो

पौड़ी विधायक मुकेश कोली का एक माह के भीतर दूसरी बार हुआ विरोध प्रदर्शन

(कुलदीप सिंह बिष्ट, पौड़ी)



पौड़ी- 2022 विधानसभा चुनाव में जुटे पौड़ी विधायक मुकेश कोली को आज खातस्यू पट्टी के ग्रामीणों का विरोध उस समय झेलना पड़ा जब विधायक अपने एक कार्यक्रम में इंटर कॉलेज पोखरीखेत में महिला मंगल दल को ढोलक व चिमटे बांटने जा रहे थे। तभी रास्ते में ग्रामीणों ने विधायक का वाहन रोककर उन्हें काले झंडे दिखाने लगे और मुर्दाबाद के नारे भी लगाने लगे जिसके बाद विधायक को ग्रामीणों को समझाने के लिए वाहन पर उतरना पड़ा।लेकिन ग्रामीणों के रोष के आगे विधायक की एक ना चली। वही ग्रामीणों ने विधायक पौड़ी पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए रविवार को मांडाखाल के पास स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक को काले झंडे दिखाते हुए विरोध किया। विधायक के समझाने व समस्याओं पर उचित कदम उठाने के आश्वासन के बाद ही ग्रामीण शांत हुए। रविवार को पौड़ी विधायक मुकेश कोली इंटर कालेज पोखरीखेत में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। इसी दौरान मांडाखाल के पास सड़क पर विधायक के पहुंचते ही कलूंण, सीकू, भैंसवाड़ा, श्रीकोट, पोखरीखेत, चोरकंडी गांव के ग्रामीणों ने विधायक को काले झंडे दिखाते हुए वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण सुमन सिंह रावत का कहना था कि चार साल बीतने के बाद आज तक क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य नहीं हुए है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा बेरोजगार घूम रहे है लेकिन स्थानीय विधायक ने कभी भी जनता की  सुध नहीं ली। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बनी है। इसको लेकर विरोध किया गया है। विधायक ने ग्रामीणों के साथ वार्ता कर समस्याओं के हल का आश्वासन दिया। कहा कि  सरकार ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में 22 हजार पदों पर विज्ञप्ति जारी की है। युवा इन पदों पर आवेदन कर सकते है। कहा कि कोरोना के चलते भर्ती करने में देर हुई है। उन्होंने स्थानीय समस्याओं के भी हल का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और विधायक कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। विरोध करने वालों में चंद्रमोहन सिंह गुंसाई, दर्शन, सुरेंद्र सिंह आदि शामिल थे। एक महीने में दूसरी बार हुआ विरोध।पौड़ी विधायक मुकेश कोली का इससे पहले भी 4 जुलाई को भाजपा से जुड़े पूर्व सैनिकों ने माडांखाल में ही विरोध प्रदर्शन किया था। पूर्व सैनिकों ने भी उन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पूर्व सैनिक  संगठन के बन रहे कार्यालय भवन के निर्माण में विधायक निधि से 6 लाख की धनराशि देने के बाद मात्र 3 लाख ही दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था।