Maha Shivratri 2022: जानिए, कैसे करें महाशिवरत्रि की पूजा, क्यों रखते हैं व्रत और किस चीज का सेवन करें

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कल 1 मार्च यानी मंगलवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व सबसे महत्वपूर्ण होता है। महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को भी बहुत प्रिय है। इसलिए इस दिन शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को खुश करने के लिए कावड़ लेकर आते हैं। गंगा के शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी पसंद की चीजें भांग-धतूरा और आक के फूल चढ़ाए जाते हैं। भक्त इस दिन शिव की उपासना करते हैं और उपवास करते हैं। शिवपुराण के ईशान संहिता के अनुसार, इस दिन ही शिव करोड़ों सूर्य के समान प्रभाव वाले रूप में अवतरित हुए थे। मान्यता है कि इसी दिन उनका और माता पार्वती का विवाह भी हुआ था।
महाशिवरात्रि पर व्रत का विशेष महत्व
शिव का आर्शीवाद पाने के लिए भक्त व्रत भी रखते हैं। महाशिवरात्रि पर व्रत रखने का एक अलग ही महत्व है। मान्यता है कि जो भी जातक महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं उन्हें नरक से मुक्ति मिलती है। इस व्रत के करने मात्र से ही सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है और आत्मा की शुद्धि होती है। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन जहां- जहां भी शिवलिंग स्थापित है, उस स्थान पर भगवान शिव का स्वयं आगमन होता है। इसलिए शिव की पूजा के साथ शिवलिंग की भी विशेष आराधना करने की परंपरा है। इस व्रत को सभी नर-नारी रख सकते हैं। कहा जाता है कि भोलनाथ जैसे वर की चाह में कुंवारी कन्याएं व्रत रखती हैं। सुहागिन स्त्रियां भी शिवरात्रि के दिन व्रत रखती हैं। ऐसा करने से उनके पति का जीवन और स्वास्थ्य हमेशा अच्छा बना रहता है।
महाशिवरात्रि पर ऐसे करें पूजा:
महाशिवरात्रि पर किसी बड़े पात्र में धातु से बने शिवलिंग या मिट्टी से बने शिवलिंग की स्थापना करें। ध्यान रखें, महाशिवरात्रि के दिन चार पहर की शिव पूजा करनी चाहिए। शिव पूजा में सबसे पहले मिट्टी के पात्र में पानी भरकर, ऊपर से बेलपत्र, धतूरे केपुष्प, चावल आदि एक साथ डालकर शिवलिंग पर चढ़ायें।महाशिवरात्रि के दिन व रात में शिवपुराण का पाठ करना या सुनना चाहिए।सूर्योदय से पहले ही उत्तर-पूर्व दिशा में पूजन-आरती की तैयारी कर लें।कोई सामग्री उपलब्ध न होने पर केवल शुद्ध ताजा जल शिवजी को अर्पित करने पर प्रसन्न हो जाते हैं। इस दिन व्रत-उपवास रखकर बेलपत्र-जल से शिव की पूजा-अर्चना करके जौ, तिल, खीर और बेलपत्र का हवन करने से समस्त मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं।

भूलकर भी न करें भोलेनाथ को ये चीजें अर्पित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भोलेनाथ को कुछ चीजें भूलकर भी अर्पित नहीं करनी चाहिए।आइए जानते हैं क्या हैं ये चीजें।

शंख
शास्त्रों की मानें तो महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा में शंख भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शिव ने शंखचूर नामक असुर का वध किया था। यही वजह है कि उनकी पूजा में इसे शामिल करने की मनाही होती है।

कुमकुम या रोली
भगवान शिव को कुमकुम और रोली भूलकर भी न लगाएं। मान्यता है कि सिंदूर महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए लगाती हैं और भगवान शिव संहारक हैं। इसलिए भगवान शिव को सिंदूर की बजाए चंदन लगाना चाहिए।

तुलसी का पत्ता
मान्यता है कि भोलेनाथ को तुलसी का पत्ता भी अर्पित नहीं करना चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार जलंधर की पत्नी वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी। भगवान शिव ने जलंधर का वध किया था। यही कारण है कि वृंदा ने शिव पूजा में तुलसी के पत्ते इस्तेमाल करने के लिए मना किया था। मान्यता है कि भगवान शिव को तुलसी अर्पित करने से पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है।

फूल
भगवान शिव के भक्तों को पूजा के दौरान केतकी और केवड़े के फूल का इस्तेमाल करने की मनाही होती है। इसके अलावा कनेर और कमल के फूल भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाने चाहिए।

हल्दी
भगवान शिव को भूलकर भी हल्दी अर्पित न करें। शास्त्रो के अनुसार, शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है और हल्दी स्त्रियों से संबंधित है। इसलिए भगवान शिव को हल्दी चढ़ाने की मनाही होती है।

व्रत में इन चीजों का करें सेवन

1- ड्रिंक्स- अगर आप शिवरात्रि का व्रत कर रहे हैं तो पूजा-पाठ करने के बाद हेल्दी ड्रिंक के साथ आपको दिन की शुरुआत करनी चाहिए। इससे आप पूरे दिन एनर्जेटिक रहेंगे. व्रत में अक्सर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए जूस, स्मूदी, नींबू पानी, नारियल पानी से दिन की शुरुआत करें। इससे आप खुद को हेल्दी रख सकते हैं।

2- ड्राईफ्रूट्स- व्रत के दौरान आपको डाइट में किसी भी वक्त मुट्टीभर सूखे मेवे जरूर शामिल करने चाहिए। इससे शरीर को कमजोर होने से बचा सकते हैं और पेट भी काफी देर के लिए भरा रहेगा। ड्राईफ्रूट्स खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है।

3- सब्जियां- व्रत के दिन आप फलाहार में आलू, लौकी, कद्दू और अरबी की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं। इन सब्जियों को शुद्ध सात्विक आहार माना गया है। आप इन्हें घी और जीरा में छोंक कर बना सकते हैं। हरी मिर्च और सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। सब्जी खाने से आपका शरीर हेल्दी रहेगा और नमक से स्वाद भी मिल जाएगा।

4- फल- सावन के सोमवार में आप फल खूब खाएं। फलों में आप केला, सेब, संतरा, अनार जैसे फल खा सकते हैं। इससे आप शरीर को डिहाइड्रेशन से बचा सकते हैं और आपका पेट भी भरा रहेगा।

5- अन्न- व्रत में अन्न खाना मना होता है। आप इसकी जगह पर सिंघाड़े का आटा या कुट्टू का आटा खा सकते हैं। आप इनसे पूरी या परांठे बनाकर खा सकते हैं। इन आटे से पूरी बनाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में आप इसमें उबला हुआ आलू मिलाकर पूड़ी परांठे बना सकते हैं। आप चाहें तो कुट्टू के आटे से पकौड़े या फिर सिंघाड़े की आटे की कतली बना सकते हैं।

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